पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 40 मिनट की बातचीत, पश्चिम एशिया युद्ध और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच मंगलवार को करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया संकट, होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा..
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच मंगलवार को करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया संकट, होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास और दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।
अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच कई बड़े समझौते (big ticket deals) पाइपलाइन में हैं।
यह इस साल दोनों नेताओं के बीच तीसरी बातचीत थी। इससे पहले फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पिछले महीने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई थी। भारत लगातार इस युद्ध को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर देता रहा है। होरमुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा और उर्वरक जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
फोन कॉल के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होरमुज़ जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।
40 मिनट की बातचीत में क्या हुआ
करीब 40 मिनट चली इस बातचीत के बाद सर्जियो गोर ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को पश्चिम एशिया की स्थिति, खासकर होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों की जानकारी दी।
गोर ने आरोप लगाया कि ईरान इस जलमार्ग को बंद कर पूरी दुनिया को “बंधक” बनाए हुए है और इसे खोलने से भारत समेत सभी देशों को फायदा होगा।
उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया इस वजह से प्रभावित हो रही है। कोई एक देश पूरी दुनिया की सप्लाई को क्यों रोक सकता है? यह गलत है और इसे खत्म होना चाहिए।”
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने भारत से इस जलमार्ग को खोलने में मदद मांगी है, तो उन्होंने कहा कि यह “मदद मांगने” के बजाय एक अपडेट कॉल थी।
बातचीत में भारत की भूमिका
गोर ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत में भारत की भूमिका क्या होगी, यह भारत खुद तय करेगा। अमेरिका का मानना है कि इस प्रक्रिया में कई अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने हाल ही में 47 साल बाद ईरान और अमेरिका के बीच पहली आमने-सामने की वार्ता करवाई थी, हालांकि इसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
बड़े समझौतों पर भी चर्चा
द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में गोर ने बताया कि दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौतों पर चर्चा हुई, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते भी शामिल हैं।
इन समझौतों को मई में भारत दौरे पर आने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio की यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी प्रस्तावित है।
गोर ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों या हफ्तों में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।
ट्रंप- मोदी संबंध और भविष्य की योजनाएं
गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहद अहम बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच “बेहतरीन संबंध” हैं।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा इस बात का संकेत है कि अमेरिका भारत को कितना महत्व देता है।
हालांकि, ट्रंप के संभावित भारत दौरे या लंबे समय से लंबित क्वाड लीडर्स समिट पर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
प्रतिबंध और ऊर्जा मुद्दे
रूस से तेल खरीद और ईरान के चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट इस महीने खत्म होने वाली है। इस पर गोर ने कहा कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
कॉल का खास पल
गोर के मुताबिक, बातचीत के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, “मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सब आपसे प्यार करते हैं।”
पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका के संबंध पिछले साल उस समय तनाव में आ गए थे जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय निर्यात पर 50% तक टैरिफ लगा दिए थे, जिसमें रूसी ऊर्जा खरीद पर 25% शुल्क भी शामिल था।
हालांकि, फरवरी में ट्रंप और मोदी के बीच व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति के बाद इन टैरिफ में कमी की गई और अब दोनों देश फिर से अपने संबंधों को मजबूत करने में जुटे हैं।
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