1971 के युद्ध के बाद सबसे बड़ा नुकसान: 2025 में 1,100 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों की मौत

पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को 2025 में पिछले पाँच दशकों का सबसे बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। आधिकारिक खुफिया आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 1,100 से अधिक सुरक्षा कर्मी मारे जा चुके हैं, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद से सबसे अधिक..

1971 के युद्ध के बाद सबसे बड़ा नुकसान: 2025 में 1,100 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों की मौत
04-11-2025 - 11:25 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को 2025 में पिछले पाँच दशकों का सबसे बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। आधिकारिक खुफिया आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक 1,100 से अधिक सुरक्षा कर्मी मारे जा चुके हैं, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद से सबसे अधिक है।

इन हताहतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बलूचिस्तान में बढ़ती बग़ावती गतिविधियाँ और क्षेत्रीय तनाव से जुड़ी हिंसक झड़पें बताई जा रही हैं।

खुफिया रिपोर्ट: हर 1.6 आतंकी पर 1 पाकिस्तानी सैनिक की मौत

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच मौत का अनुपात 1:1.6 दर्ज किया गया है — यानी हर 1.6 आतंकी की मौत के बदले एक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी मारा गया।
यह आँकड़े मई में हुई ऑपरेशन सिंदूर” से हुई क्षति को छोड़कर हैं। ये तथ्य दिखाते हैं कि पाकिस्तान के सुरक्षा बल अब पहले से कहीं ज़्यादा ख़तरनाक परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, जहाँ उन्हें भारी हथियारों से लैस और संगठित आतंकवादी समूहों का सामना करना पड़ रहा है, जो कई प्रांतों में सक्रिय हैं।

बलूचिस्तान में 350 से अधिक बड़े आतंकी हमले

ऑपरेशन सिंदूर से पहले ही पाकिस्तान को आतंकी हमलों में तेज़ बढ़ोतरी झेलनी पड़ रही थी।
खुफिया इनपुट के अनुसार, बलूच उग्रवादियों और अन्य गुटों ने 2025 के पहले पाँच महीनों में बलूचिस्तान में 350 से अधिक बड़े और 20 छोटे हमले किए।
इन हमलों की लगातार बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जबकि पाकिस्तानी सेना और पुलिस बल लगातार दबाव और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर से भारी क्षति

9 और 10 मई को हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा।
इस दौरान 11 अहम वायुसेना अड्डों और सैन्य ठिकानों के अलावा एलओसी (Line of Control) के साथ 23 स्थानों को निशाना बनाया गया था।
इन हमलों में 50 से अधिक पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और कम से कम 35 घायल हुए।

जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच, ऑपरेशन सिंदूर को छोड़कर, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों में 195 मौतें दर्ज की गई हैं।
इनमें सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सदस्य शामिल हैं।
इसी अवधि में 109 घायल हुए और 15 जवान लापता या तालिबान/पठान समूहों द्वारा पकड़े जाने की सूचना है।

अफसरों और कमांडो तक हताहत

हाल ही के हफ्तों में मारे गए लोगों में आठ अधिकारी शामिल हैं, एक सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर, एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और एक कैप्टन
इसके अलावा छह सैनिक, जिनमें दो एसएसजी कमांडो, भी मारे गए।
यह दिखाता है कि हिंसा की मार रैंक या पद की परवाह किए बिना हर स्तर के सुरक्षा बलों को झेलनी पड़ रही है।

वर्षांत तक बढ़ सकती है संख्या

खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि मौजूदा हालात जारी रहे तो 2025 के अंत तक सुरक्षा बलों की मौतों की संख्या 1,300 से 1,400 तक पहुंच सकती है
यदि हिंसा की यही रफ्तार बनी रही, तो यह आंकड़ा इससे भी ऊपर जा सकता है जिससे 2025 पाकिस्तान के इतिहास में सुरक्षा बलों के लिए सबसे घातक वर्ष साबित होगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।