अडियाला जेल के बाहर PTI प्रदर्शन के बाद इमरान खान की बहनों पर आतंकवाद का मामला, पाकिस्तान में सियासी घमासान
पाकिस्तान में बुधवार को पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेताओं और दर्जनों पार्टी समर्थकों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी अधिनियम (एंटी-टेररिज़्म एक्ट) के तहत मामला दर्ज..
रावलपिंडी। पाकिस्तान में बुधवार को पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेताओं और दर्जनों पार्टी समर्थकों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी अधिनियम (एंटी-टेररिज़्म एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला एक दिन पहले किए गए धरने से जुड़ा है, जब प्रशासन ने जेल में बंद PTI प्रमुख इमरान खान से परिवार के सदस्यों और वकीलों की मुलाकात रोक दी थी।
एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) सद्दर बेरोनी पुलिस थाने में दर्ज की गई है, जिसमें इमरान खान की बहनों अलीमा खान और नूरीन नियाज़ी समेत 50 से अधिक लोगों के नाम शामिल हैं। आरोपियों में PTI के प्रमुख नेता सलमान अकरम राजा, नईम पंजोथा, कासिम खान, आलिया हमज़ा और राजा नासिर अब्बास भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद कम से कम 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
हाई-सिक्योरिटी जेल के बाहर प्रदर्शन से कानूनी कार्रवाई
पुलिस की शिकायत के अनुसार, मंगलवार को PTI कार्यकर्ता अडियाला जेल के बाहर इकट्ठा हुए थे, जब जेल प्रशासन ने इमरान खान से उनके रिश्तेदारों और कानूनी सलाहकारों की मुलाकात पर रोक लगा दी। प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गया और जेल के प्रवेश मार्गों को जाम कर दिया गया।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने धारा 144 का उल्लंघन किया, जो सार्वजनिक जमावड़े पर रोक लगाती है, और इलाके की सुरक्षा में तैनात कानून-व्यवस्था बलों से झड़प की।
अधिकारियों ने बताया कि एफआईआर में पाकिस्तानी दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ आतंकवाद-रोधी कानून की धाराएं भी लगाई गई हैं। आतंकवाद से जुड़े आरोप जुड़ने के कारण अब इन मामलों की सुनवाई विशेष आतंकवाद-रोधी अदालतों में हो सकती है, जहां त्वरित प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा का प्रावधान होता है।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अडियाला जेल की सुरक्षा स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। जेल में कई उच्च-प्रोफाइल कैदी बंद हैं और यह इलाका सैन्य प्रतिष्ठानों के पास स्थित है। मंत्रालय के अनुसार, मुलाकातों पर लगाई गई पाबंदियां सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत थीं और उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था।
PTI का आरोप: असहमति दबाने की कोशिश
PTI नेतृत्व ने आतंकवाद के आरोप लगाए जाने की कड़ी निंदा की और इसे राजनीतिक असहमति को दबाने की कोशिश बताया। पार्टी ने कहा कि आने वाले चुनावों से पहले इस तरह की कार्रवाइयां की जा रही हैं, जिन्हें PTI पहले से ही धांधलीपूर्ण बताती रही है।
एक बयान में PTI ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी कानून का इस्तेमाल इस बात को दर्शाता है कि अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने के बाद से राज्य का रवैया लगातार अधिक सत्तावादी होता जा रहा है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ 200 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें कथित भ्रष्टाचार, सरकारी तोहफों के दुरुपयोग, राजनयिक ‘साइफर’ विवाद और 9 मई 2023 की हिंसा से जुड़े मामले शामिल हैं। PTI का दावा है कि ये सभी केस राजनीतिक प्रेरणा से दर्ज किए गए हैं, ताकि पार्टी के नेतृत्व को हाशिए पर धकेला जा सके।
पार्टी के अनुसार, इमरान खान से परिवार की आखिरी मुलाकात 2 दिसंबर को हुई थी, जब उनकी पत्नी उज़्मा खान उनसे मिलने गई थीं।
PTI नेताओं ने एफआईआर में इमरान खान की बहनों के नाम शामिल किए जाने को उनके परिवार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बताया। अलीमा खान और नूरीन नियाज़ी आम तौर पर सक्रिय राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन हाल के दिनों में वे अपने भाई से मुलाकात की मांग को लेकर सार्वजनिक रूप से ज्यादा मुखर हुई हैं।
अडियाला जेल फिर बना टकराव का केंद्र
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से अडियाला जेल बार-बार विवाद और टकराव का केंद्र रही है। मुलाकात के अधिकारों और सुरक्षा प्रतिबंधों को लेकर कई बार तनावपूर्ण हालात बने हैं। जेल का संवेदनशील सैन्य इलाकों के पास होना अक्सर कड़े सुरक्षा इंतजामों की वजह बनता है, जिससे ऐसे प्रदर्शनों के दौरान हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो जाते हैं।
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