प्रोजेक्ट 18: भारत बना रहा है अगली पीढ़ी का विध्वंसक युद्धपोत, 144 मिसाइलें ले जाने की क्षमता, 500 किमी दूर तक शत्रु की निगरानी संभव

भारतीय नौसेना प्रोजेक्ट 18 (P-18) के तहत एक नई पीढ़ी का विध्वंसक युद्धपोत विकसित कर रही है, जो वर्तमान विशाखापत्तनम श्रेणी के विध्वंसकों से आकार और क्षमता दोनों में कहीं अधिक शक्तिशाली होगा। इसकी अनुमानित विस्थापन क्षमता लगभग 13,000 टन होगी, जो इसे भारतीय नौसेना का सबसे भारी जहाज ..

प्रोजेक्ट 18: भारत बना रहा है अगली पीढ़ी का विध्वंसक युद्धपोत, 144 मिसाइलें ले जाने की क्षमता, 500 किमी दूर तक शत्रु की निगरानी संभव
01-08-2025 - 09:38 AM
01-08-2025 - 09:48 AM

नयी दिल्ली। भारतीय नौसेना प्रोजेक्ट 18 (P-18) के तहत एक नई पीढ़ी का विध्वंसक युद्धपोत विकसित कर रही है, जो वर्तमान विशाखापत्तनम श्रेणी के विध्वंसकों से आकार और क्षमता दोनों में कहीं अधिक शक्तिशाली होगा। इसकी अनुमानित विस्थापन क्षमता लगभग 13,000 टन होगी, जो इसे भारतीय नौसेना का सबसे भारी जहाज बना देगी। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, यह एक क्रूज़र श्रेणी में आ सकता है, क्योंकि किसी भी 10,000 टन से बड़े युद्धपोत को क्रूज़र की श्रेणी में रखा जाता है।

'ड्राइंग बोर्ड पर हैं योजनाएं' — नौसेना उपप्रमुख

दिसंबर 2023 में नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल संजय जसजीत सिंह ने बताया था,भारतीय नौसेना अगली पीढ़ी के अधिक उन्नत और सक्षम विध्वंसक युद्धपोत बनाने पर काम शुरू कर चुकी है। योजनाएं तैयार हो रही हैं।”

वर्तमान में सबसे बड़ा युद्धपोत, विशाखापत्तनम-क्लास, लगभग 7,450 टन का है और इसमें 48 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) लगे हैं। इसके मुकाबले, प्रोजेक्ट-18 विध्वंसक में 144 VLS सेल होंगे, जो विभिन्न प्रकार की मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होंगे।

उन्नत रडार और सेंसर: 500 किमी से अधिक की निगरानी क्षमता

इस युद्धपोत की सुपरस्ट्रक्चर में चार बड़े AESA (Active Electronically Scanned Array) रडार लगे होंगे, जो DRDO द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज मल्टी-फंक्शनल रडार होंगे।
इनमें शामिल हैं..

  • S-बैंड मुख्य रडार
  • वॉल्यूम सर्च रडार
  • मल्टी-सेंसर मस्त (360 डिग्री निगरानी)

ये सिस्टम DRDO और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा संयुक्त रूप से बनाए जा रहे हैं और इनकी रेंज 500 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।

मल्टी-लेयर रक्षा और स्ट्राइक मिशन के लिए मिसाइल कॉन्फ़िगरेशन

144 VLS सेल में यह विध्वंसक तीन स्तरों की मिसाइल रक्षा और हमला करने की क्षमता रखेगा..

  • 32 सेल (स्टर्न में)
    • PGLRSAM (लॉन्ग रेंज SAM) के लिए
    • रेंज: 250 किमी
    • लक्ष्य: दुश्मन के एयरक्राफ्ट व बैलिस्टिक मिसाइल
  • 48 सेल
    • ब्रह्मोस एक्सटेंडेड रेंज क्रूज़ मिसाइल
    • स्वदेशी तकनीक से बनी क्रूज़ मिसाइल (ITCM)
    • उद्देश्य: एंटी-शिप व ज़मीन पर हमला
  • 64 सेल
    • शॉर्ट रेंज SAM
    • उद्देश्य: अंतिम रक्षा परत — हवाई व एंटी-शिप मिसाइल हमलों से सुरक्षा

निर्माण समयसीमा और आत्मनिर्भरता

नौसेना दिवस (4 दिसंबर 2023) से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाइस एडमिरल सिंह ने कहा, लगभग पांच वर्षों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम शुरू हो सकेगा और फिर 5-10 वर्षों में डिलीवरी संभव है।”

इस युद्धपोत का लगभग 75% हिस्सा स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा, जो आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत है। यह जहाज..

  • दो मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर संचालित कर सकेगा
  • ऑटोनॉमस अंडरवॉटर ड्रोन लॉन्च कर सकेगा
  • एंटी-सबमरीन युद्ध में सक्षम होगा

नौसेना का दीर्घकालिक विस्तार लक्ष्य

भारतीय नौसेना की दीर्घकालिक योजना के अनुसार, वह 2035 तक 170–175 युद्धपोतों का बेड़ा तैयार करना चाहती है।
प्रोजेक्ट-18 विध्वंसक इस लक्ष्य में रणनीतिक और सामरिक बलवर्धन

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।