आरजी कर केस: डॉ. संदीप घोष के घर की ‘अनधिकृत’ रूफटॉप पेर्गोला तोड़ने का आदेश
आरजी कर रेप और मर्डर केस के आरोपी डॉ. संदीप घोष के घर पर बने कथित अवैध निर्माण को लेकर कोलकाता नगर निगम (KMC) के बिल्डिंग विभाग ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी..
आरजी कर रेप और मर्डर केस के आरोपी डॉ. संदीप घोष के घर पर बने कथित अवैध निर्माण को लेकर कोलकाता नगर निगम (KMC) के बिल्डिंग विभाग ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है।
यह संपत्ति 83, बदन रॉय लेन स्थित है। मामले की सुनवाई केएमसी के स्पेशल ऑफिसर (बिल्डिंग) एस. बोराल की अदालत में हुई।
नगर निगम के अनुसार, मकान की छत पर एक नया “पेर्गोला” बनाया गया था, जबकि लिफ्ट मशीन रूम तक पहुंचने के लिए लोहे की घुमावदार सीढ़ी (स्पाइरल स्टेयरकेस) लगाई गई थी। इसके अलावा दूसरी मंजिल पर दरवाजे की जगह ईंट की दीवार भी खड़ी कर दी गई थी।
गौरतलब है कि “पेर्गोला” एक खुली शैली की छतरी या ढांचा होता है, जिसे आमतौर पर लोहे, लकड़ी या इसी तरह की सामग्री से बनाया जाता है। इसका उपयोग सजावट या बैठने की जगह के रूप में किया जाता है।
सुनवाई के दौरान संपत्ति के प्रतिनिधियों ने कहा कि पेर्गोला स्वीकृत भवन योजना का हिस्सा नहीं था और इसे मरम्मत कार्य के दौरान हटा दिया जाएगा।
मामले की समीक्षा के बाद कोलकाता नगर निगम ने आदेश दिया कि छत पर बना पेर्गोला 45 दिनों के भीतर तोड़ा जाना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने गुरुवार, 21 मई को आरजी कर मामले की नई जांच के आदेश दिए। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर मामले की दोबारा जांच कराने को कहा है।
इस एसआईटी की अगुवाई सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रैंक के अधिकारी करेंगे।
जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की डिवीजन बेंच ने पीड़िता के परिवार की मांगों पर विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया। अदालत ने माना कि मामले में नई जांच की उनकी मांग उचित है।
शुरुआत में इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस की एसआईटी ने की थी और शहर पुलिस से जुड़े पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था, जिसे मामले में एकमात्र दोषी ठहराया गया। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली और रेप एवं हत्या के मामले में संजय रॉय को ही एकमात्र आरोपी माना।
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