राहुल गांधी को भगवान राम से नफरत है इसलिए वे विधेयक का विरोध कर रहे हैं: भाजपा नेता
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (VB-G RAM-G Bill) जो मनरेगा (MGNREGA) का नया स्वरूप है, के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला..
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (VB-G RAM-G Bill) जो मनरेगा (MGNREGA) का नया स्वरूप है, के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें “लीडर ऑफ टूरिज़्म” बताया। वल्लभ ने विधेयक का बचाव किया और कांग्रेस के विरोध के पीछे कथित वजहें गिनाईं।
गौरव वल्लभ ने कहा, “उनकी समस्या यह है कि पारित हुए इस कानून में भगवान राम का नाम शामिल है, और उन्हें उससे दिक्कत है। राहुल गांधी भगवान राम से नफरत करते हैं। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण युवाओं को रोज़गार देकर सशक्त बनाने के लिए लाया गया है। यही उनकी दो समस्याएं हैं…”
संसद में INDIA गठबंधन द्वारा विधेयक की प्रतियां फाड़े जाने की घटना पर टिप्पणी करते हुए वल्लभ ने कहा कि यह भगवान राम और ग्रामीण जनता का अपमान है। उन्होंने इसे “दोहरा पाप” करार दिया।
भाजपा ने विधेयक का बचाव किया, कांग्रेस की समझ पर उठाए सवाल
इससे पहले भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने विधेयक के पारित होने पर राहुल गांधी की आलोचना को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता शासन और जवाबदेही के मूल मुद्दों को समझने में असफल रहे हैं।
एएनआई से बातचीत में विवेक ठाकुर ने कहा, “दुर्भाग्य से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुद्दों को ठीक से नहीं समझते। मनरेगा में राज्य सरकार की कोई जवाबदेही नहीं थी, लेकिन अब इस विधेयक के जरिए राज्य और केंद्र—दोनों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।”
VB-G RAM-G विधेयक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करना है। इसमें केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में फंड साझा करने का प्रावधान भी है। विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए मजदूरों के अधिकारों और मनरेगा से गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर आपत्ति जताई है।
केंद्र के पक्ष में गिरीराज सिंह
केंद्र सरकार के रुख का समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि मनरेगा समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में किए गए सुधारों का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय हितों की सेवा करना है।
गिरीराज सिंह ने कहा, “सरकार द्वारा मनरेगा और अन्य योजनाओं में किए गए सुधार देश के सर्वोत्तम हित में हैं।” उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि इन बदलावों से ग्रामीण मजदूरों के अधिकार कमजोर होते हैं।
विपक्ष ने विधेयक को बताया ‘राज्य-विरोधी’
इस बीच विपक्ष संसद में VB-G RAM-G विधेयक के पारित होने के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस विरोध में हिस्सा लिया और इस कानून को “राज्य-विरोधी” और “गांव-विरोधी” बताया।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने “एक ही दिन में मनरेगा के बीस साल के ढांचे को ध्वस्त कर दिया।”
राहुल गांधी ने कहा कि VB-G RAM-G विधेयक कोई सुधार नहीं, बल्कि अधिकारों को कमजोर करने वाला कदम है, जिसमें कानूनी रूप से सुनिश्चित रोज़गार की गारंटी को खत्म कर दिल्ली-नियंत्रित और सीमित योजना में बदल दिया गया है।
विधायी प्रक्रिया की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थायी समिति को भेजने की मांग खारिज कर इस विधेयक को “जबरन संसद से पास कराया।”
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस इस कदम का विरोध करेगी और मजदूरों, राज्यों तथा पंचायतों के साथ खड़ी रहेगी ताकि इस कानून को वापस लिया जा सके।
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