मणिपुर में एक सीट पर दो बार होगी वोटिंग? आखिर क्या है चुनाव आयोग की मजबूरी
<p>लोकसभा चुनाव के लिए शेड्यूल जारी हो चुका है। मणिपुर में ऐसे समय पर वोटिंग करवाई जा रही है, जब पिछले साल मई में यहां हिंसा की शुरुआत हुई थी।</p>
भारतीय चुनाव आयोग ने शनिवार (16 मार्च) को लोकसभा चुनाव का शेड्यूल जारी किया। इसमें बताया गया कि चुनाव की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी, जो 1 जून तक चलने वाली है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मणिपुर की दो लोकसभा सीटों के लिए चुनाव 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को होंगे और बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट के लिए भी दो चरणों में मतदान होगा। चुनावी नतीजे 4 जून को आएंगे।
राजीव कुमार ने कहा कि हिंसा प्रभावित राज्य में शिविरों में रहने वाले लोगों को उनके शिविर से मतदान की इजाजत मिलेगी। दरअसल, चुनाव आयोग की तरफ से लोकसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम का ऐलान करते हुए 543 के बजाय 544 सीटों का जिक्र किया गया। इस पर जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रिपोर्टर्स ने सवाल किया, तो उन्हें आयोग ने इस पर जवाब भी दिया। राजीव कुमार ने बताया कि बाहरी मणिपुर लोकसभा सीट को दो बार गिना गया है, जिसकी वजह से ऐसा हुआ है। वहां दो चरण में मतदान होंगे।
मणिपुर के हालात पर क्या बोले सीईसी
भीतरी मणिपुर के साथ ही बाहरी मणिपुर के कुछ हिस्सों में मतदान पहले चरण में 19 अप्रैल को होगा। वहीं बाहरी मणिपुर के बाकी केंद्रों पर मतदान दूसरे चरण में 26 अप्रैल को होगा। मणिपुर के हालात के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘हम सभी बंदोबस्त करेंगे। हमने एक योजना बनाई है, जिसका हमने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का मत
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रदीप कुमार झा ने शनिवार को कहा कि राज्य में 2955 मतदान केंद्रों में से 1058 को ‘संवेदनशील’ के तौर पर चिन्ह्रित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में 47 विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे, वहीं दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 13 विधानसभा क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च है।’ उन्होंने कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी होगी और यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती होगी।
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