उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: चारधाम यात्रा स्थगित, भूस्खलन में 2 मजदूरों की मौत, 7 लापता
उत्तराखंड में मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने रविवार को भारी तबाही मचाई। उत्तरकाशी जिले के सिलाई बेंड के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के करीब 1 बजे एक भूस्खलन में 2 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 7 अन्य लापता ..
उत्तरकाशी। उत्तराखंड में मूसलधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने रविवार को भारी तबाही मचाई। उत्तरकाशी जिले के सिलाई बेंड के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के करीब 1 बजे एक भूस्खलन में 2 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 7 अन्य लापता हैं। यह हादसा पालीगाड़ से करीब 5 किमी आगे बरकोट तहसील में हुआ।
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय शिविर में 29 लोग मौजूद थे, जिनमें से 20 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
चारधाम यात्रा स्थगित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। यात्रा फिर से शुरू करने पर सोमवार सुबह मौसम और सड़क की स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।”
आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, “देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।”
IMD देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया:
“अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, नदियों में जल स्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।”
सड़क मार्ग अवरुद्ध
उत्तरकाशी में रातभर की बारिश के कारण कई प्रमुख मार्ग बाधित हो गए हैं:
- यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग:
- पालीगाड़, कुठनौर और झज्जरगढ़ के पास अवरुद्ध
- गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग:
- नेताला, बिशनपुर, लालढांग और नालूना के पास बाधित
- बिशनपुर के पास रास्ता दो घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, सड़कें खोलने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
नैनीताल जिले में 12 परिवारों को किया गया सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
रामनगर के चुकुम गांव में बाढ़ के चलते 12 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
गांव के पूर्व प्रधान जस्सी राम (55) ने कहा, “हम लंबे समय से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। अब गांव वाले स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।”
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