राजस्थान पुलिस ने अवैध बांग्लादेशियों पर कसा शिकंजा; ईंट भट्टों और फैक्ट्रियों पर छापेमारी
राजस्थान भर में पुलिस ने बिना दस्तावेजों के काम कर रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान में विशेष रूप से ईंट भट्टों और छोटी फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है..
जयपुर। राजस्थान भर में पुलिस ने बिना दस्तावेजों के काम कर रहे अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान में विशेष रूप से ईंट भट्टों और छोटी फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है, जहां इन प्रवासियों को सस्ते मज़दूर के रूप में रखा जा रहा था।
एक अधिकारी ने बताया, "सूत्रों के अनुसार, अवैध प्रवासियों को पश्चिम बंगाल से एजेंटों द्वारा राजस्थान लाया जाता है, जहां वे ईंट भट्टों जैसी औद्योगिक इकाइयों में काम पाते हैं, खासकर सीकर और उसके आसपास के क्षेत्रों में।"
सीकर के खंडेला क्षेत्र में गुरुवार को दो ईंट भट्टों पर छापेमारी की गई। चौकड़ी रोड पर स्थित एक भट्ठे पर 37 बांग्लादेशी मज़दूर पाए गए, जिनमें से तीन ने पश्चिम बंगाल और हरियाणा के दस्तावेज दिखाए। वहीं, दूसरे भट्ठे से 12 मज़दूर पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "जो भट्ठा मालिक बार-बार चेतावनी के बावजूद अवैध बांग्लादेशी मज़दूरों को काम पर रख रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।"
राज्य सरकार के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राज्यभर में तलाशी अभियान शुरू किया है। जयपुर में पिछले तीन दिनों में 52 संदिग्धों को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। इन लोगों के पास भारतीय पहचान पत्र जैसे आधार और राशन कार्ड पाए गए, जो कि फर्जी थे।
गुरुवार को जयपुर के कई हिस्सों में नए सिरे से छापेमारी की गई, जिसमें दर्जन भर से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। बुधवार को की गई जांच में यह पुष्टि हुई कि हिरासत में लिए गए 52 लोगों के दस्तावेज नकली हैं, जिसके बाद उन्हें “शांति भंग करने” के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि संदिग्धों से बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बांग्लादेश से मजबूत संपर्क सामने आए हैं। इस पूरे नेटवर्क और संबंधित एजेंटों की पहचान के लिए जांच जारी है, जिन्होंने इन प्रवासियों की आवाजाही और फर्जी दस्तावेजों की व्यवस्था की।
एक अधिकारी ने बताया, "अब तक 52 लोगों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। जब तक दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं होता, ये लोग डिटेंशन सेंटर में रहेंगे। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।"
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