रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कंपनी और BP पर 30 अरब डॉलर के दावे को नकारा, कहा—‘अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना’
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कंपनी और उसकी साझेदार BP के खिलाफ 30 अरब डॉलर (लगभग 30 बिलियन डॉलर) का दावा किया..
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कंपनी और उसकी साझेदार BP के खिलाफ 30 अरब डॉलर (लगभग 30 बिलियन डॉलर) का दावा किया है। सोमवार, 29 दिसंबर को शेयर बाजार को दी गई सूचना में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने कहा कि इस तरह के दावे करने वाली खबर “तथ्यात्मक रूप से गलत” है।
इससे पहले आई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि भारत सरकार एक मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) मामले में रिलायंस और BP से 30 अरब डॉलर से अधिक का मुआवजा मांग रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार का आरोप है कि कंपनियां अपतटीय गैस क्षेत्रों से तय मात्रा में गैस का उत्पादन करने में विफल रहीं।
खबरों के मुताबिक, सरकार ने यह दावा तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष अपनी दलीलों के दौरान किया था, जिसने 7 नवंबर को इस 14 साल पुराने विवाद की सुनवाई पूरी की थी। समाचार एजेंसी PTI ने मामले से परिचित तीन सूत्रों के हवाले से बताया था कि न्यायाधिकरण अगले साल किसी समय अपना फैसला सुना सकता है और हारने वाला पक्ष संभवतः इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।
‘30 अरब डॉलर का कोई दावा नहीं’: रिलायंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इन दावों को “अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए साफ कहा, “रिलायंस और BP के खिलाफ 30 अरब डॉलर का कोई दावा नहीं है।”
कंपनी ने कहा, “India claims $30 billion from Reliance Industries, BP for underproduction from gas field, sources say’ शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत है। अज्ञात और अनपहचाने स्रोतों के आधार पर इस तरह की रिपोर्ट का प्रकाशन अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना है।”
KG-D6 ब्लॉक को लेकर सरकार का वास्तविक दावा
अपने बयान में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्पष्ट किया कि KG-D6 ब्लॉक से जुड़े मामले में सरकार द्वारा किया गया दावा करीब 247 मिलियन डॉलर (लगभग 24.7 करोड़ डॉलर) का है। कंपनी ने कहा कि इस राशि का उल्लेख उसके वार्षिक ऑडिटेड वित्तीय विवरणों में पहले से ही उचित और लगातार रूप से किया जाता रहा है।
अब आगे क्या?
कंपनी ने कहा कि रिपोर्ट में जिन मुद्दों का जिक्र किया गया है, वे फिलहाल अदालतों के समक्ष विचाराधीन हैं और देश की न्यायिक प्रणाली के तहत कानून के अनुसार उनका निपटारा किया जाएगा।
रिलायंस ने आगे कहा, “रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी साझेदार BP ने हर समय अपनी संविदात्मक और कानूनी जिम्मेदारियों का पालन किया है। रिपोर्ट में तथ्यों की गलत व्याख्या पर हम कड़ा एतराज जताते हैं।”
शेयर बाजार की स्थिति
गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। यह समूह ऊर्जा, रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, सोमवार 29 दिसंबर 2025 को रिलायंस का शेयर 0.8 प्रतिशत गिरकर ₹1,546 पर बंद हुआ।
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