रूस ने एक तेल ग्राहक खो दिया, जो है भारत: पुतिन से मुलाक़ात से पहले ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को अलास्का में मुलाक़ात की और वार्ता की, जिसे रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने “बेहद उत्पादक” बताया। ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संकट को लेकर अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, जबकि पुतिन ने दावा किया कि उन्होंने..
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को अलास्का में मुलाक़ात की और वार्ता की, जिसे रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने “बेहद उत्पादक” बताया। ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संकट को लेकर अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, जबकि पुतिन ने दावा किया कि उन्होंने और उनके अमेरिकी समकक्ष ने इस संघर्ष पर एक “समझ” (understanding) बना ली है।
ट्रंप जब पुतिन से मिलने के लिए अलास्का रवाना हो रहे थे, तब उन्होंने मुलाक़ात को लेकर अपनी अपेक्षाओं पर बात की। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या पुतिन के बातचीत की मेज पर आने के पीछे आर्थिक कारण भी हैं? इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत का ज़िक्र किया और कहा कि रूस ने अपना एक तेल ग्राहक खो दिया है – भारत।
फॉक्स न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, “देखिए, उन्होंने एक तरह से तेल का ग्राहक खो दिया है, जो है भारत। भारत करीब 40% तेल ले रहा था। चीन, जैसा कि आप जानते हैं, बहुत कुछ कर रहा है... और अगर मैं सेकेंडरी प्रतिबंध (secondary sanctions) लगाऊं, तो यह उनके लिए बेहद विनाशकारी होगा। अगर मुझे करना पड़ा तो मैं करूंगा, शायद ज़रूरत न भी पड़े।”
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने भारत से होने वाले आयात पर 50% शुल्क लगाने की धमकी दी थी, जिसका कारण नई दिल्ली का रूस से तेल व्यापार बताया गया। अपने हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश (executive order) में ट्रंप ने लिखा था, “मैंने यह तय किया है कि भारत से आयातित उन वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाना आवश्यक और उचित है, जो सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल से जुड़ी हैं।”
घोषित किए गए इन शुल्कों का आधा हिस्सा लागू हो चुका है और शेष 27 अगस्त से लागू होने वाला है।
‘कोई समझौता तब तक नहीं जब तक समझौता न हो जाए’
ट्रंप और पुतिन की बहुप्रतीक्षित मुलाक़ात अलास्का में यूक्रेन संकट पर शांति समझौते की कोशिशों के बीच हुई। पुतिन ने जहाँ कहा कि बातचीत के दौरान एक “समझ” बनी है, वहीं ट्रंप ने साफ़ किया कि अभी कोई सौदा नहीं हुआ है।
ट्रंप ने कहा, “हमने कई मुद्दों पर सहमति बनाई है। मैं कहूंगा कि कुछ बड़े मुद्दों पर हम अभी तक पूरी तरह नहीं पहुँचे हैं, लेकिन हमने कुछ प्रगति ज़रूर की है।... कोई समझौता तब तक नहीं है जब तक वास्तविक समझौता न हो।”
अलास्का में करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद संक्षिप्त मीडिया बातचीत में दोनों नेताओं ने संकेत दिया कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन उन्होंने कोई विवरण साझा नहीं किया और न ही कोई सवाल लिया।
पुतिन ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि अगर 2022 में ट्रंप राष्ट्रपति होते तो रूस-यूक्रेन का संघर्ष शुरू ही नहीं होता। उन्होंने ट्रंप को “मैत्रीपूर्ण वार्ता” के लिए धन्यवाद भी दिया और यूरोपीय संघ को चेतावनी दी कि वे अलास्का में हुई वार्ता की प्रगति को “विफल” न करें।
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