अमेरिका द्वारा जब्त करने की कोशिश के बीच रूस ने वेनेजुएला के पास तेल टैंकर की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी भेजी: रिपोर्ट

अमेरिका और रूस के बीच तनाव के एक नये घटनाक्रम में रूस ने कथित तौर पर एक पनडुब्बी तैनात की है, ताकि उस तेल टैंकर की सुरक्षा की जा सके, जिसे अमेरिका वेनेजुएला के पास जब्त करने की कोशिश कर रहा ..

अमेरिका द्वारा जब्त करने की कोशिश के बीच रूस ने वेनेजुएला के पास तेल टैंकर की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी भेजी: रिपोर्ट
07-01-2026 - 11:14 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। अमेरिका और रूस के बीच तनाव के एक नये घटनाक्रम में रूस ने कथित तौर पर एक पनडुब्बी तैनात की है, ताकि उस तेल टैंकर की सुरक्षा की जा सके, जिसे अमेरिका वेनेजुएला के पास जब्त करने की कोशिश कर रहा था। यह टैंकर, जो जर्जर हालत में और फिलहाल खाली है, अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले जहाजों पर लगाई गई नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ‘बेला 1’ नाम से पहचाना जाने वाला यह तेल टैंकर वेनेजुएला में लंगर डालकर तेल लोड करने में असफल रहा। इसके बावजूद, अमेरिकी तटरक्षक बल (यूएस कोस्ट गार्ड) ने इसे अटलांटिक महासागर तक पीछा किया। यह कार्रवाई उन टैंकरों के नेटवर्क को रोकने की अमेरिकी कोशिशों का हिस्सा है, जो दुनिया भर में अवैध तेल की ढुलाई करते हैं, जिसमें मॉस्को द्वारा बेचा जाने वाला ब्लैक मार्केट तेल भी शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में टैंकर के चालक दल ने अमेरिकी एजेंसियों की ओर से जहाज पर चढ़ने (बोर्डिंग) की कोशिश को नाकाम कर दिया था और इसके बाद जहाज अटलांटिक की ओर बढ़ गया। जब अमेरिकी तटरक्षक बल लगातार उसका पीछा करता रहा, तो चालक दल ने जहाज के किनारे रूसी झंडा पेंट कर दिया, उसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया और पंजीकरण भी रूसी स्वामित्व दिखाने के लिए बदल दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि रूस उन टैंकरों को जब्त किए जाने को लेकर चिंतित है, जो उसके अवैध तेल की ढुलाई कर उसकी अर्थव्यवस्था को ईंधन देते हैं। WSJ के मुताबिक, विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया या निरीक्षण के टैंकरों को मॉस्को में पंजीकरण की अनुमति देना रूस का एक असामान्य कदम है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने अमेरिका से वेनेजुएला के पास इस तेल टैंकर का पीछा बंद करने का अनुरोध भी किया है। तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि यह मांग सीधे वाशिंगटन तक पहुंचाई गई है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह इस टैंकर से जुड़ी स्थिति पर “चिंता के साथ नजर बनाए हुए है।” यह बयान रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए ने जारी किया।

इस बीच, अमेरिकी सेना के सदर्न कमांड ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह इस क्षेत्र से गुजरने वाले “प्रतिबंधित जहाजों और उनसे जुड़े तत्वों के खिलाफ खड़े होने” के लिए तैयार है।

WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी तटरक्षक बल अब भी इस तेल टैंकर का पीछा कर रहा है। फिलहाल यह जहाज आइसलैंड से लगभग 300 मील दक्षिण में, उत्तरी सागर की ओर बढ़ते हुए पूर्वी अटलांटिक में यात्रा कर रहा है। यह जानकारी एआईएस (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) पोजिशनिंग के हवाले से दी गई है।

रूस के सरकारी नियंत्रण वाले अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट आरटी ने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसे कथित तौर पर ‘मैरिनेरा’ टैंकर के डेक से फिल्माया गया है। वीडियो में अमेरिकी तटरक्षक बल का एक कटर जहाज टैंकर का पीछा करते हुए नजर आता है।
एक अन्य पोस्ट में आरटी ने दावा किया कि अमेरिका इस टैंकर को रोकने की कोशिश कर रहा है, जबकि यह रूस के मुरमान्स्क जा रहा है और इसकी “स्पष्ट रूप से नागरिक स्थिति” है।

तेल टैंकर को लेकर बढ़ता यह तनाव ऐसे समय में सामने आया है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक खींचतान जारी है। मौजूदा स्थिति से शांति वार्ताएं और जटिल हो सकती हैं।

रूस ने अब तक अमेरिका और यूक्रेन की ओर से पेश किए गए शांति समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। शनिवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, मैं (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन से खुश नहीं हूं। वह बहुत ज्यादा लोगों को मार रहे हैं।”

अमेरिका इससे पहले दो बड़े कच्चा तेल ले जाने वाले जहाज ‘स्किपर’ और ‘सेंचुरीज़’ जब्त कर चुका है, जो अवैध तेल ढुलाई वाले इसी नेटवर्क का हिस्सा बताए जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगे भी ऐसी जब्तियां हो सकती हैं।

WSJ के अनुसार, रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण और उसके बाद लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते 1,000 से अधिक टैंकरों का एक ‘छाया बेड़ा’ तेजी से विकसित हुआ है। इन टैंकरों के स्वामित्व अस्पष्ट हैं और इनके पास पश्चिमी बीमा कवर भी नहीं है।

बताया जाता है कि ये जहाज तेल ढुलाई में अपनी भूमिका छिपाने के लिए कई तरह की चालें चलते हैं, जैसे अपने रेडियो सिग्नल बंद कर देना, ताकि उनकी गतिविधियां ट्रैक न हो सकें, और कम निगरानी वाले समुद्री इलाकों में एक जहाज से दूसरे जहाज में कार्गो ट्रांसफर करना।

इनमें से अधिकांश टैंकर 15 साल से अधिक पुराने हैं, जिससे तेल रिसाव और टक्कर जैसी दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

मॉस्को पहले ही उन आरोपों को खारिज कर चुका है, जिनमें कहा गया है कि वह ‘शैडो फ्लीट’ का इस्तेमाल करता है। रूस का कहना है कि पश्चिमी प्रतिबंध अवैध हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, जब अमेरिका ने इस टैंकर का पीछा शुरू किया था, तब बेला 1 एक बिना राष्ट्रीयता वाला जहाज था, जो फर्जी झंडा लगाए हुए था और न्यायिक जब्ती आदेश के दायरे में आता था। अमेरिका ने बेला 1 पर यह आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए थे कि वह अमेरिकी प्रतिबंधित ईरानी आतंकी संगठनों की ओर से ब्लैक मार्केट ईरानी तेल की ढुलाई कर रहा था।

हालांकि, जहाज के नए रूसी पंजीकरण ने वाशिंगटन के लिए इसे बोर्ड करने का कानूनी आधार जटिल बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में कानूनी मामलों और बाहरी संबंधों के पूर्व निदेशक, सेवानिवृत्त रियर एडमिरल फ्रेड केनी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, जैसे ही किसी जहाज का वैध पंजीकरण हो जाता है, उसे उस देश के झंडे का संरक्षण मिल जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, यह पिछली तारीख से लागू नहीं होता। आप यह नहीं कह सकते कि दो हफ्ते पहले वह बिना राष्ट्रीयता का था, इसलिए अब भी हम उसे वैसा ही मानेंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका जबरन इस तेल टैंकर पर चढ़ने की कोशिश करता है, तो इससे रूस या उसके सहयोगी देशों, जैसे ईरान, की ओर से जवाबी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

यूएस कोस्ट गार्ड के पूर्व जज एडवोकेट जनरल और मुख्य कानूनी सलाहकार विलियम बॉमगार्टनर के हवाले से WSJ ने लिखा, अगर रूस नियमित रूप से इस ‘डार्क फ्लीट’ की सुरक्षा में आगे आता है, तो इससे यह तर्क कमजोर पड़ जाएगा कि इन जहाजों के साथ उसके वैध संबंध हैं।”

उन्होंने कहा,

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।