न्यायमूर्ति नागरत्ना ने जनहित याचिकाओं के दुरुपयोग पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने मंगलवार को जनहित याचिकाओं (PIL) के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अन्याय से निपटने के लिए एक शक्तिशाली हथियार को कुछ लोगों की हरकतों के कारण संदेह की नजर से देखा जा रहा है।
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने मंगलवार को जनहित याचिकाओं (PIL) के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अन्याय से निपटने के लिए एक शक्तिशाली हथियार को कुछ लोगों की हरकतों के कारण संदेह की नजर से देखा जा रहा है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि जनहित याचिका "कमजोरों के हाथ में एक पुण्यशील हथियार" है, लेकिन अब यह अपनी नैतिकता खो रही है।
उन्होंने कहा, "साधारण भाषा में कहूं तो जनहित याचिका अब 'पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन', 'प्रचार इंटरेस्ट लिटिगेशन' या 'निजी इंटरेस्ट लिटिगेशन' बनकर रह गई है।" न्यायमूर्ति नागरत्ना ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'लॉ, जस्टिस, सोसाइटी: सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ उपेंद्र बक्सी' के विमोचन कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने कहा, "यह एक शक्तिशाली हथियार है जो अन्यायों को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है, लेकिन कुछ लोगों की हरकतों के कारण इसे अब संदेह की नजर से देखा जाने लगा है और यह सकारात्मक दृष्टिकोण से बाहर हो रही है।"
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि प्रोफेसर बख्शी ने दिखाया है कि जनहित याचिकाएं राज्य को जवाबदेह बनाने का एक माध्यम रही हैं, जिससे न्यायपालिका को मौलिक अधिकारों के संरक्षक के रूप में कार्य करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि वे (बख्शी) जनहित याचिकाओं के दुरुपयोग के बारे में भी सोचें और लिखें।" उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता वास्तविक जनहित याचिकाओं या सामाजिक कार्यवाही याचिकाओं की है। बख्शी ने सही मायने में जनहित याचिकाओं को 'सामाजिक कार्यवाही याचिका' के रूप में वर्णित किया है।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने प्रोफेसर बख्शी को एक महान शिक्षक और विद्वान बताया, जिनकी लेखनी ने दशकों से कानूनी विचारों को आकार दिया है और पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा, "प्रोफेसर बख्शी की लेखनी हमें भारतीय संविधान को एक गतिशील दस्तावेज के रूप में देखने के लिए प्रेरित करती है, जो न्याय, शासन और सामाजिक परिवर्तन की गहरी आकांक्षाओं को समाहित करता है।"
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