हिंदू पक्ष की बड़ी जीत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल मस्जिद को बताया 'विवादित ढांचा'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के संभल जिले की जामा मस्जिद की दीवार पर 'विवादित ढांचा' लिखने की अनुमति दे दी। मुस्लिम समिति ने मस्जिद पर सफेदी (व्हाइट वॉश) कराने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह फैसला आया। मुस्लिम पक्ष ने सफेदी का विरोध किया, जिस पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कहा कि उन्हें इस आपत्ति का जवाब देने के लिए समय चाहिए।
नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के संभल जिले की जामा मस्जिद की दीवार पर 'विवादित ढांचा' लिखने की अनुमति दे दी। मुस्लिम समिति ने मस्जिद पर सफेदी (व्हाइट वॉश) कराने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह फैसला आया। मुस्लिम पक्ष ने सफेदी का विरोध किया, जिस पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कहा कि उन्हें इस आपत्ति का जवाब देने के लिए समय चाहिए।
हालांकि, हिंदू पक्ष की मांग पर हाईकोर्ट ने मस्जिद की दीवार पर 'विवादित ढांचा' लिखने का आदेश दिया। ASI ने अदालत को बताया कि मस्जिद की पेंटिंग को लेकर मुस्लिम पक्ष उन पर दबाव बना रहा है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब हिंदू पक्ष ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद का निर्माण ऐतिहासिक हरिहर मंदिर को तोड़कर किया गया था। कहा जाता है कि यह मंदिर उसी स्थान पर स्थित था, जहां अब मस्जिद है। अदालत के आदेश पर मस्जिद का सर्वेक्षण 24 नवंबर 2023 को किया गया था।
सर्वेक्षण के बाद इलाके में हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस घटना की गहन जांच शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान ASI टीम ने मस्जिद की सफाई पर एक रिपोर्ट अदालत को सौंपी। इससे पहले अदालत ने ASI को मस्जिद का निरीक्षण कर सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
पिछले साल दिसंबर में संभल जिले में एक प्राचीन मंदिर को खोल दिया गया, जो 1978 के साम्प्रदायिक दंगों के बाद बंद कर दिया गया था। इस मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और एक शिवलिंग स्थापित है।
अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान इस मंदिर का पता चला था। 1978 के दंगों के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय के पलायन के कारण मंदिर को बंद कर दिया गया था।
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