द केरल स्टोरी 2’ का केरल में विरोध, हाईकोर्ट की मंज़ूरी के बावजूद कई ज़िलों में स्क्रीनिंग रद्द
जिस फ़िल्म द केरल स्टोरी 2 को केरल में दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की तैयारी माना जा रहा था, वही एक बार फिर बड़े विवाद में फँस गई है। शनिवार को केरल के कई ज़िलों में सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, जिसके बाद फ़िल्म की स्क्रीनिंग रद्द करनी..
जिस फ़िल्म द केरल स्टोरी 2 को केरल में दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की तैयारी माना जा रहा था, वही एक बार फिर बड़े विवाद में फँस गई है। शनिवार को केरल के कई ज़िलों में सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, जिसके बाद फ़िल्म की स्क्रीनिंग रद्द करनी पड़ी। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही दिन पहले केरल हाईकोर्ट ने फ़िल्म की रिलीज़ पर लगी अंतरिम रोक हटा दी थी और राज्य में प्रदर्शन का रास्ता साफ़ किया था।
हालाँकि, कानूनी तौर पर हरी झंडी मिलने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।
कन्नूर और तिरुवनंतपुरम में शो रद्द
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कन्नूर और तिरुवनंतपुरम समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग सिनेमाघरों के बाहर जमा हुए और फ़िल्म की विषयवस्तु पर आपत्ति जताई, जो कथित जबरन धर्मांतरण के मामलों के इर्द-गिर्द घूमती है।
कन्नूर में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ताओं ने सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया, जिससे तयशुदा शो बाधित हो गए। त्रिशूर के फन मूवीज़ थिएटर में प्रदर्शनकारियों ने फ़िल्म के पोस्टरों पर कोयला डालकर उन्हें सार्वजनिक रूप से आग के हवाले कर दिया। हालात तनावपूर्ण होने पर थिएटर प्रबंधन को शो रोकने पड़े और पहले से टिकट खरीद चुके दर्शकों को रिफंड जारी करना पड़ा।
तिरुवनंतपुरम में मॉल ऑफ त्रावणकोर स्थित सिनेपोलिस में भी सुरक्षा चिंताओं और विरोध के चलते स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भारी पुलिस बल की तैनाती और सिनेमाघर के बाहर जुटी भीड़ देखी गई।
विवाद की जड़ क्या है?
द केरल स्टोरी 2 को लेकर विवाद इसकी ट्रेलर रिलीज़ के समय से ही शुरू हो गया था। समाज के कुछ वर्गों का आरोप है कि फ़िल्म की कहानी राज्य में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकती है। फ़िल्म का दावा है कि यह तीन युवतियों की कहानियों को दिखाती है, जो “भ्रामक शादियों में फँसती हैं और कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण का सामना करती हैं।”
27 फरवरी को केरल हाईकोर्ट ने अपने पहले के अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत फ़िल्म की स्क्रीनिंग अस्थायी रूप से रोकी गई थी। अदालत के फैसले के बाद थिएटरों को शो दिखाने की अनुमति मिल गई, लेकिन इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों में विरोध जारी रहा।
कुछ केंद्रों पर दर्शकों की कम संख्या और लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए, कई थिएटर मालिकों ने टकराव से बचने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की स्क्रीनिंग रद्द करने का फैसला किया।
निर्माताओं की प्रतिक्रिया
द केरल स्टोरी 2 के निर्माताओं ने फ़िल्म का बचाव किया है। 2023 में आई पहली फ़िल्म की तरह ही, इस फ़िल्म को भी टीम “सच्ची घटनाओं पर आधारित” बता रही है। पहला भाग भी अपनी रिलीज़ के समय कड़े विरोध और कानूनी चुनौतियों का सामना कर चुका था।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सह-लेखक और निर्माता विपुल शाह ने कहा,
“न तो मेरी फ़िल्म, न मैं और न ही मेरी टीम के सदस्य केरल राज्य के खिलाफ हैं। यह ‘गॉड्स ओन कंट्री’ है, एक खूबसूरत राज्य है। लेकिन अगर वहाँ कुछ गलत हो रहा है, तो मैं सिर्फ़ लोगों का ध्यान उस ओर दिला रहा हूँ। जब आप फ़िल्म देखेंगे, तो पाएँगे कि हमने केरल या वहाँ के लोगों के बारे में कुछ भी नकारात्मक नहीं कहा है।”
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और कई इलाकों में अनिश्चित स्क्रीनिंग के बीच, द केरल स्टोरी 2 को लेकर छिड़ी बहस फिलहाल थमती नज़र नहीं आ रही है।
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