तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचीं तुलसी गैबर्ड
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन-2 की पहली शीर्ष अधिकारी तुलसी गैबर्ड रविवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बातचीत करेंगी।
नयी दिल्ली। अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन-2 की पहली शीर्ष अधिकारी तुलसी गैबर्ड रविवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बातचीत करेंगी।
भारत पहुंचने के तुरंत बाद गैबर्ड ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित एक खुफिया सम्मेलन में हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 20 देशों के खुफिया और सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय द्वारा ‘रायसीना डायलॉग’ के साथ-साथ किया गया है, जो 2022 से प्रतिवर्ष होता आ रहा है। तुलसी गैबर्ड मंगलवार को रायसीना डायलॉग में भी भाषण देंगी।
सम्मेलन में कई वैश्विक खुफिया प्रमुख शामिल
इस सुरक्षा सम्मेलन में कनाडा के खुफिया प्रमुख डैनियल रोजर्स और ब्रिटेन की MI6 के प्रमुख रिचर्ड मूर भी शामिल होंगे। क्वाड देशों (ऑस्ट्रेलिया, जापान, अमेरिका, भारत) के खुफिया प्रमुख भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
बैठक के दौरान आतंकवाद, टेरर फंडिंग, वैश्विक संकट, तकनीकी खतरों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई है।
तुलसी गैबर्ड थाईलैंड से भारत पहुंचीं हैं और यह दौरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बहु-देशीय यात्रा कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें वह जापान, थाईलैंड और फ्रांस भी जाएंगी। फरवरी में DNI के रूप में पुष्टि होने के बाद यह गैबर्ड की दूसरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा है। इससे पहले वह जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग ले चुकी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रायसीना डायलॉग का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन दिवसीय ‘रायसीना डायलॉग’ का उद्घाटन करेंगे, जो भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर आधारित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है। यह इसका 10वां संस्करण होगा।
इस बार के डायलॉग में करीब 125 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सैन्य अधिकारी, व्यापारिक नेता, तकनीकी विशेषज्ञ, पत्रकार और थिंक टैंक के विश्लेषक शामिल हैं।
उद्घाटन सत्र में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन मुख्य भाषण देंगे। साथ ही 20 देशों के विदेश मंत्री भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
इनमें स्लोवेनिया, लक्जमबर्ग, लिकटेंस्टीन, लातविया, मोल्डोवा, जॉर्जिया, स्वीडन, स्लोवाक गणराज्य, भूटान, मालदीव, नॉर्वे, थाईलैंड, एंटीगुआ और बारबुडा, पेरू, घाना, हंगरी और मॉरीशस शामिल हैं। क्यूबा के उप प्रधानमंत्री मार्टिनेज डियाज़ और फिलीपींस के विदेश सचिव एनरिके ए. मैनालो भी मौजूद रहेंगे।
इस बार की थीम: “कालचक्र — लोग, शांति और ग्रह”
तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन में छह प्रमुख विषयों पर गहन संवाद होंगे:
- Politics Interrupted: बदलते समीकरण और नई चुनौतियाँ
- Resolving the Green Trilemma: हरित विकास की गुत्थी
- Digital Planet:
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