लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट पर नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की ‘विश्वासघात और दुश्मनी’ को किया उजागर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में एक स्पष्ट और साहसिक बयान में पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि अब दुनिया को इस बात में कोई शक नहीं रहा कि आतंकवाद की जड़ें कहां हैं।
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में एक स्पष्ट और साहसिक बयान में पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि अब दुनिया को इस बात में कोई शक नहीं रहा कि आतंकवाद की जड़ें कहां हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार आतंकवाद का केंद्र बन चुका है, जिससे न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को पीड़ा हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ओर से शांति स्थापित करने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए गहरा अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने लाहौर यात्रा और शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तानी नेताओं को आमंत्रित करने जैसे कदमों का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने सद्भाव की हर कोशिश की, लेकिन हर बार पाकिस्तान की ओर से दुश्मनी और धोखा ही मिला। पीएम मोदी ने कहा, "शांति स्थापित करने की हर नेक कोशिश को दुश्मनी और विश्वासघात के रूप में जवाब मिला। हम सच्चे मन से आशा करते हैं कि पाकिस्तान को समझदारी आए और वह शांति का मार्ग अपनाए।"
अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करने के प्रयासों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके, फिर भी वह पहल ऐतिहासिक थी।
उन्होंने बताया, "यह एक ऐसा कूटनीतिक प्रयास था जो दशकों में नहीं देखा गया। जिन लोगों ने कभी मेरी विदेश नीति पर सवाल उठाए थे, वे भी तब चौंक गए जब मैंने सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया। हमारे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी आत्मकथा में इस ऐतिहासिक पहल को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भारत की विदेश नीति में आए आत्मविश्वास और स्पष्टता का प्रमाण था। इससे दुनिया को यह स्पष्ट संदेश मिला कि भारत शांति और सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन फिर भी पाकिस्तान की ओर से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की जनता एक ऐसे भविष्य की हकदार है जिसमें हिंसा न हो, और उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अपने अतीत की गलतियों से सीखेगा और एक बेहतर रास्ता चुनेगा।
भारत-चीन संबंधों पर भी रखी स्पष्ट राय
भारत-चीन संबंधों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पड़ोसी देशों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्हें विवाद का रूप नहीं लेना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात के बाद सीमा पर स्थिति सामान्य हुई है।
हालाँकि उन्होंने माना कि भरोसा दोबारा बनने में समय लगेगा, लेकिन उन्हें भरोसा है कि धीरे-धीरे विश्वास की बहाली होगी।
What's Your Reaction?