‘मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छुआ तो हाथ काट दूंगा’: एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील की धमकी, हिजाब विवाद पर यूपी मंत्री के बयान की निंदा
एआईएमआईएम (AIMIM) नेता इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई व्यक्ति मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छूने की हिम्मत करता है तो वह उसका “हाथ काट देंगे”। यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना को लेकर मचे विवाद के बीच सामने..
नयी दिल्ली। एआईएमआईएम (AIMIM) नेता इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई व्यक्ति मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छूने की हिम्मत करता है तो वह उसका “हाथ काट देंगे”। यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना को लेकर मचे विवाद के बीच सामने आया है।
महाराष्ट्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इम्तियाज जलील ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां” अक्सर गुंडों और आपराधिक तत्वों का समर्थन करती हैं, लेकिन मुसलमानों के साथ खड़े होने से कतराती हैं।
पूर्व औरंगाबाद सांसद जलील ने कहा, “उत्तर प्रदेश के एक मंत्री ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अगर कोई मुस्लिम बहन को गलत नीयत से छूने की हिम्मत करता है, तो मैं उसका हाथ काट दूंगा।”
यह टिप्पणी उन्होंने यूपी मंत्री संजय निषाद के उस बयान के संदर्भ में की, जो नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद पर आया था।
संजय निषाद ने उस समय कहा था, “अगर उन्होंने उसे कहीं और छू लिया होता तो क्या होता?”
हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और गलत तरीके से समझा गया।
15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में एआईएमआईएम के 17 उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए इम्तियाज जलील ने अन्य राजनीतिक दलों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल एआईएमआईएम को साम्प्रदायिक करार देते हैं, लेकिन खुद मुसलमानों का समर्थन नहीं करते।
जलील ने कहा, “धर्मनिरपेक्ष पार्टियां एआईएमआईएम को साम्प्रदायिक और अछूत पार्टी बताती हैं, जबकि हकीकत में वही सबसे ज्यादा साम्प्रदायिक हैं। वे नहीं चाहतीं कि मुसलमान नेता बनकर उभरें। उन्हें गुंडों और आपराधिक तत्वों का समर्थन करने में कोई हिचक नहीं होती, लेकिन मुसलमानों के साथ खड़े होने या उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देने में वे पीछे हट जाती हैं।”
इम्तियाज जलील ने महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट की उस मांग का भी मज़ाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने एआईएमआईएम के ‘पतंग’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की बात कही थी। शिरसाट ने यह मांग नगर निकाय चुनावों और मकर संक्रांति पर्व के संयोग को लेकर उठाई थी।
हल्के-फुल्के अंदाज़ में जलील ने शिवसेना और भाजपा नेताओं से अगले एक महीने तक “घड़ी” न पहनने की भी अपील की। उनका इशारा महायुति गठबंधन की सहयोगी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ की ओर था।
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