"मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं": पहलगाम हमले को लेकर J&K उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मानी सुरक्षा में चूक
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस साल की शुरुआत में हुए पहलगाम आतंकी हमले को गंभीर सुरक्षा चूक करार देते हुए इसकी पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। उन्होंने इस हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद बताया, जिसका मकसद सांप्रदायिक तनाव भड़काना..
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस साल की शुरुआत में हुए पहलगाम आतंकी हमले को गंभीर सुरक्षा चूक करार देते हुए इसकी पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। उन्होंने इस हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद बताया, जिसका मकसद सांप्रदायिक तनाव भड़काना और कश्मीर की आर्थिक तरक्की को रोकना था।
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में सिन्हा ने कहा, “यह निश्चित रूप से सुरक्षा में चूक थी और मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।”
पाकिस्तान की ‘सुनियोजित साजिश’
सिन्हा ने इस हमले को भारत की एकता को नुकसान पहुंचाने और देशभर में कश्मीरियों के खिलाफ भावना भड़काने की साजिश बताया।
उन्होंने कहा, “हमारे पड़ोसी (पाकिस्तान) का इरादा सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना और देश के अन्य हिस्सों में रह रहे कश्मीरियों के खिलाफ माहौल बनाना था, जिससे अलगाव की भावना बढ़े।”
कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर हमला
मनोज सिन्हा के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य कश्मीर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना हो गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। यह हमला कश्मीर की आर्थिक समृद्धि पर पाकिस्तान का सीधा वार था।”
उन्होंने यह भी कहा कि आम कश्मीरियों द्वारा इस हमले की निंदा करना ही पाकिस्तान और आतंकी संगठनों को करारा जवाब है।
स्थानीय सहयोगियों की भूमिका पर क्या बोले LG?
जब सिन्हा से पूछा गया कि क्या इस हमले में स्थानीय लोगों की संलिप्तता सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती है, तो उन्होंने कहा, “इस साल स्थानीय भर्ती का सिर्फ एक मामला सामने आया है, जबकि पिछले साल यह संख्या 6–7 थी। पहले यह आंकड़ा 150–200 तक हुआ करता था। लेकिन यह भी सच है कि पाकिस्तान ने इस साल बड़ी संख्या में आतंकियों की घुसपैठ कराई है, चाहे जम्मू क्षेत्र हो या कश्मीर।”
घटना के बाद पर्यटन पर असर
LG ने कहा, पहलगाम हमले के तुरंत बाद पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ। “हमले के बाद पर्यटकों का आना लगभग बंद हो गया था। हमें उम्मीद थी कि अमरनाथ यात्रा ही एक टर्निंग पॉइंट बनेगी।”
उन्होंने बताया कि अस्थायी रूप से बंद किए गए पर्यटन स्थलों को अब धीरे-धीरे खोला जा रहा है। उन्होंने कहा, “कई स्थल फिर से खोल दिए गए हैं और बाकी को चरणबद्ध तरीके से एक मजबूत सुरक्षा योजना के बाद खोला जाएगा।”
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान को कड़ा संदेश
सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट रेड लाइन खींच दी गई है। उन्होंने कहा, “भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी आतंकी हमला युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। हमारे बलों ने जिस सटीकता से पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, उससे कड़ा संदेश गया है। लेकिन एक ऐसा देश जिसने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बना लिया हो, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।”
भविष्य के खतरों से निपटने के लिए तैयार: LG
अंत में सिन्हा ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां, गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय भविष्य की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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