संकट के बीच अडानी के बेटे करण ने संभाली बागडोर, हजारों करोड़ का कर्ज एक बार में चुकाने का ऐलान
<p><em>अडानी पोर्ट्स को लेकर अडानी ग्रुप ने बड़ा ऐलान किया है। कंपनी की छवि सुधारने के लिए करोड़ों का कर्ज समय से पहले चुकाने की घोषणा की गयी है। अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की निगेटिव रिपोर्ट से जब अडानी समूह की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है तो कंपनी ने अपनी छवि सुधारने में जुट गई है। ऋण के भारी बोझ को लेकर जब अडानी पर बार-बार हमले हो रहे हैं, तो कंपनी ने तब यह बड़ा फैसला लिया है । समझा जा रहा है कि इस कदम से अडाणी के निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।</em></p>
जिस तरह से बड़े-बड़े फैसलों की घोषणा की गयी, उससे लगता है कि परेशानी में चल रहे अडानी समूह के अडानी पोर्ट्स की कमान अब करण गौतम अडानी के हाथों में आ गयी है।
अडानी पोर्ट्स अब बेटे के हाथों में
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेस इकोनॉमिक जोन के सीईओ करण अडानी ने रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए कहा कि हम मार्च 2024 तक करीब 5000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रीपेमेंट के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने कर्ज का बोझ कम करना शुरू कर दिया है। समयावधि पूर्व ऋण भुगतान के अलावा, अडानी वित्तीय वर्ष 2023 के दौरान पोर्ट्स कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत 4,000-5,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है।
अडानी समूह के शेयर चढ़े
करण अडानी ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट के कारण अडानी को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट के चलते कंपनी को अपना 20 हजार करोड़ रुपए का एफपीओ भी वापस लेना पड़ा। हालांकि मंगलवार को अडानी के शेयरों में तेजी लौटी थी ।
रेटिंग एजेंसियां मूडीज-फिच ने दिया बड़ा बयान
वहीँ रेटिंग एजेंसियां मूडीज-फिच ने अडानी समूह के कर्ज को लेकर बड़ा बयान दिया है। अडानी के कर्ज को लेकर मूडीज और फिच दोनों ने अपनी रिपोर्ट दी है। दुनिया की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों फिच और मूडीज ने मंगलवार को कहा कि अडानी समूह की कंपनियों द्वारा भारतीय बैंकों से लिया गया लोन इतना अधिक नहीं है कि उनकी ऋण गुणवत्ता पर किसी तरह का जोखिम पैदा हो ।
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