भारत लगा रहा मौके पर चौका, रूस से सस्ता तेल खरीदकर अन्य देशों को किया पेट्रोल-डीजल निर्यात, नीदरलैंड्स बना भारत के लिए सबसे बड़ा आयातक
<p><em>अप्रेल से अक्टूबर के बीच भारत का कुल निर्यात 12.5 फीसदी बढ़कर 263 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।</em></p>
युक्रेन पर रूसी हमलों के बाद यूरोपीय संघ और अमरीका ने रूस से कच्चे तेल के आयात पर पाबंदियां लगा दी हैं। रूस पर 60 डॉलर प्रति बैरल का प्राइस कैप लगाया गया है और भारत इसी बात का जमकर लाभ उठा रहा है। वह रूस से जमकर तेल की खरीदारी कर रहा है और अन्य देशों को उसने रिफाइंड तेल यानी पेट्रोल का निर्यात 70 फीसदी तक बढ़ा दिया है। इसी वजह से अप्रेल से अक्टूबर के बीच भारत का कुल निर्यात 12.5 फीसदी बढ़कर 263 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
केंद्रीय वाणिज्य विभाग के आंक़ों को मानें तो भारत के लिए नीदरलैंड्स सबसे बड़ा आयातक देश हो गया है। पिछले साल के मुकाबले भारत से नीदरलैंड्स के लिए निर्यात बढ़ा है। साल 2021 के मुकाबले इस साल भारत ने नीदरलैंड्स को 10.4 बिलियन डॉलर का निर्यात किया है। वहीं साल 2021 में ये आंकड़ा 5.7 बिलियन डॉलर का था। अप्रैल से अक्टूबर के दौरान अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बाद नीदरलैंड्स ने भारत से सबसे अधिक तेल खरीदा है। इसके मुकाबले ब्राजील जो पिछले साल 20वें नंबर पर था, इस साल आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
इस साल भारत का निर्यात दर्शाता है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर लगातार निर्यात बढ़ा रहा है। अप्रैल से अक्टूबर के बीच भारत के निर्यात आंकड़ों को देखें तो नीदरलैंड को 10.4 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया जबकि ब्राजील को 6.3 बिलियन डॉलर का, इंडोनेशिया को 6 बिलियन डॉलर, दक्षिण अफ्रीका को 5.5 बिलियन डॉलर, फ्रांस को 4.4 बिलिलन डॉलर, इजराइल को 4 बिलियन डॉलर, नाइजीरिया को 3.4 बिलियन डॉलर, तंजानिया को 2.4 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया है।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा तेल निर्यात नीदरलैंड्स, ब्राजील, तंजानिया, टोगो, इजराइल और ओमान के साथ बढ़ा है। यह तब है जबकि कई देश रूस पर अपनी निर्भरता को कम कर रहे हैं। यही वजह है कि भारत और रूस के बीच कच्चे तेलों का कारोबार बढ़ा है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल आयात करता रहा है, जिसमें रूस की हिस्सेदारी अहम है। भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल को आयात कर रहा है। रूस से आयाजित तेलों की आंकड़ा 20 फीसदी तक पहुंच गया है। नीदरलैंड्स पेट्रोल और डीजल के लिए भारत का सबसे बड़ा आयातक बनता जा रहा है।
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