Vodafone-Idea : अब वोडाफोन-आइडिया में सबसे ज्यादा सरकार की 33.44 % हिस्सेदारी..!

<p><em><strong>Vodafone Idea :&nbsp;</strong>लगातार घाटे में चल रही &nbsp;वोडाफोन आइडिया (Vi) टेलीकॉम कंपनी में अब भारत सरकार सबसे बड़ी शेयरधारक बनेगी। सरकार के पास वोडाफोन आइडिया में 33.44 फीसदी हिस्सेदारी होगी।</em></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>

Vodafone-Idea : अब वोडाफोन-आइडिया में सबसे ज्यादा सरकार की 33.44 % हिस्सेदारी..!
08-02-2023 - 08:01 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

Vodafone Idea : टेलीकॉम कंपनी ने कहा है कि बोर्ड ने मंगलवार को शेयरों के आवंटन को मंजूरी दे दी है। सरकार के पास वोडाफोन आइडिया में 33.44 फीसदी हिस्सेदारी होगी। कंपनी ने कहा कि बकाया स्पेक्ट्रम पेमेंट पर ब्याज और बकाया एजीआर की एनपीवी को शेयरों में बदलने के चलते सरकार के पास यह हिस्सेदारी आएगी। ब्रोकरेज सीएलएसए का अनुमान है कि वीआई के को-प्रमोटर्स यूके के वोडाफोन पीएलसी और भारत के आदित्य बिड़ला समूह के पास वीआई में क्रमशः 31.7% और 18.2% हिस्सेदारी होगी। सरकार को शेयरों के आवंटन के बाद उनकी संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 50% हो जाएगी। इस समय यूके की वोडाफोन और एबीजी की वीआई में हिस्सेदारी क्रमशः 47.61% और 27.38% है।

10 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर सरकार की 33.44 फीसदी भागीदारी         
वीआई ने मंगलवार शाम बीएसई फाइलिंग में कहा, 'बोर्ड ने आज अपनी बैठक में 10 रुपये फेस वैल्यू के 16,133,184,899 इक्विटी शेयरों को 10 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। ये शेयर निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग, भारत सरकार को कुल 161,331,848,990 रुपये समायोजित करने के बदले दिये जाएंगे।' इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 33.44 फीसदी हो जाएगी।

सरकार ने रखा था प्रस्ताव बकाया ब्याज को इक्विटी में बदलने का 
बीते हफ्ते सरकार ने वोडाफोन आइडिया के बकाया ब्याज को इक्विटी में बदलने का प्रस्ताव रखा था। सरकार 16,133.18 करोड़ रुपये के ब्याज को 10 रुपये प्रति शेयर पर इक्विटी में बदलने पर सहमत हुई थी। वोडाफोन आइडिया के प्रमोटर्स की तरफ से एक आश्वासन मिलने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रमोटर्स ने आश्वासन दिया कि वे कंपनी के लिए कमिटेड हैं और आवश्यक फंड्स लगाएंगे।

टावर कंपनियो/नेटवर्क वेंडर्स को बकाया पेमेंट चुकाने में मिलेगी मदद 
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच में सीनियर डायरेक्टर (कॉरपोरेट्स) नितिन सोनी ने बताया, 'सरकार और वीआई का यह फैसला कर्जदाताओं को वीआई का मौजूदा बैंक कर्ज रिफाइनेंस करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। हालांकि, टेलीकॉम कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए वे नया लोन देकर रिस्क नहीं लेंगे।' फिच ने कहा कि अगर रिफाइनेंसिंग होती है तो वीआई को टावर कंपनियों और नेटवर्क वेंडर्स को बकाया पेमेंट चुकाने में मदद मिलेगी। साथ ही कंपनी को अपने 4जी ऑपरेशन को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।