अफगानिस्तान: विदेश मंत्रालय के बाहर ब्लास्ट... 6 लोगों की मौत, भारतीय दूतावास भी करीब
<p><em><strong>अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मौजूद फॉरेन मिनिस्ट्री के बाहर सोमवार को बड़ा धमाका हुआ। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई। 9 लोग घायल बताए गए हैं। </strong></em></p>
सोमवार सुबह एक फिदायीन हमले ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को दहला दिया। काबुल एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक वहां के विदेष मंत्रालय के बाद हुए इस धमाके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है कि यह धमाका कैसे हुआ। अगर यह फिदायीन हमला था तो हमलावर हाई सिक्योरिटी जोन तक कैसे पहुंचा।
मिनिस्ट्री में जाना चाहता था हमलावर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिदायीन हमलावर की कोशिश मिनिस्ट्री के अंदर पहुंचने की थी। वो उस जगह पहुंचना चाहता था जहां अफसर बैठते हैं। हालांकि, जब वो इस कोशिश में नाकाम हो गया तो उसने पहले ही खुद को उड़ा लिया। यह जगह गेस्ट के लिए होती है। हमले में 2 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। बाकी 4 घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ा। 8 लोग घायल बताए गए हैं। इनको हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। सभी घायलों को इटली के एक एनजीओ के अस्पताल लाया गया है।
सुरक्षा के दावों पर सवाल
सोमवार को हुए ब्लास्ट ने तालिबान हुकूमत के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें वो लगातार ये कहती रही है कि काबुल में किसी तरह के हमले का डर नहीं है। शायद यही वजह है कि तालिबान ने अब तक इस हमले पर ऑफिशियली कुछ नहीं कहा है। जनवरी में भी काबुल के इसी हिस्से में हमला किया गया था। तब आईएस ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। दो दिन बाद तालिबान ने एक बयान में कहा था कि उसने हमले की साजिश रचने वाले आईएस के दो आतंकियों को मार गिराया है।
हाई सिक्योरिटी जोन की सुरक्षा को छकाया
खास बात यह है कि काबुल का यही वह इलाका है, जहां कई देशों की एम्बेसीज हैं। अगस्त 2021 में तालिबान ने काबुल के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद कई देशों ने यहां अपने डिप्लोमैटिक मिशन्स बंद कर दिए थे। हालांकि, भारत समेत कुछ देशों की एम्बेसीज यहां अब भी मौजूद हैं।
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