आज अष्टमी पर महागौरी की अर्चना कैसे करें ,यहाँ जानें महागौरी पूजन,कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
<p>आज शारदीय रावरात्रि का आठवां दिन है और इस दिन मां दुर्गा के अष्टमी स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन लोग कन्या पूजन भी करते हैं। इस बार अष्टमी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धी योग बन रहा है। ऐसे में शुभ मुहूर्त में कन्या पूजन करना अति उत्तम रहेगा। यहां जानेंं अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि:</p>
कौन हैं महागौरी
मां दुर्गा की आठवीं शक्ति मां महागौरी हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि मां ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कड़ी तपस्या की थी। तपस्या के समय मां हजारों साल तक बिना अन्न और के रहीं थीं। जिससे उनका शरीर काला पड़ गया था।तब माता के कठोर तपस्या से भगवान शिव बेहद प्रसन्न हुए थे और अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। साथ ही उनकजे शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर उन्हें गौर वर्ण यानी कि गोरा रंग हो गया। इस बाद मां पार्वती के इस स्वरूप को महागौरी के नाम से जाना जाता है।
मनुष्य ही नहीं देव, दानव, राक्षस, गंधर्व, नाग, यक्ष, किन्नर आदि भी अष्टमी पर मां का पूजन करते हैं। मान्यता है इस दिन जो भी भक्त मां महागौरी की आराधना करता है, वह सुख, वैभव, धन, धान्य से संपन्न होता है। साथ ही रोग, व्याधि, भय, पीड़ा से मुक्त होता है। मां महागौरी का यह दिन विशेष है।
अष्टमी की तिथि व समय
अष्टमी तिथि का आरंभ 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 54 मिनट पर अष्टमी तिथि रहेगी। 22 तारीख को उदया तिथि में अष्टमी तिथि रहने से इस दिन ही महा अष्टमी का पूजन किया जाएगा। अष्टमी के दिन 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक का समय कन्या पूजन के लिए उत्तम रहेगा। इसके बाद 9 बजकर 16 मिनट से लेकर 10 बजकर 41 मिनट तक। साथ ही अमृतकाल में आप 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 1 मिनट तक आप अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन करना शुभ रहेगा।
ऐसे करें महागौरी का पूजन
शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के दिन मां दुर्गा के आठवीं शक्ति महागौरी की पूजा की जाती है। इसलिए इस सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और सफेद वस्त्र धारण करें। उसके बाद घर की छत पर लाल रंग का ध्वजा लगाएं।उसके बाद महागौरी को चंदन(चंदन के उपाय), मौली, कुमकुम, अक्षत, मोगरे का फूल चढ़ाएं। बता दें, इस अष्टमी तिथि पर देवी दुर्गा ने चंड-मुंड का संहार किया था। इसके साथ ही महाष्टमी तिथि के दिन मिट्टी के 9 कलश रखकर मां दुर्गा के 9 स्वरूपों का आह्वान किया जाता है। इससे माता की विशेष कृपा बनी रहती है।
भोग
नारियल (नारियल के उपाय) का भोग या उससे बनी चीजों का भोग लगाएं। इससे मां प्रसन्न होती हैं और व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी परेशानियों को दूर कर देती हैं।
कन्या पूजन विधि
नवरात्रि की अष्टमी के दिन कन्याओं को उनके घर जाकर आदरपूर्वक निमंत्रण दें। इसके बाद कन्याओं का पूरे परिवार के साथ चावल और फूल के साथ स्वागत करें। नवदुर्गा के सभी नामों के जयकारे लगाएं। फिर कन्याओं को आरामदायक और साफ जगह पर बैठा दें। सभी कन्याओं के पैर धोकर अच्छे से साफ करें। फिर सभी का कुमकुम का टिका लगाएं। फिर इन सभी कन्याओं को मां भगवती का स्वरुप समझकर उन्हें भोजन कराएं। अंत में उन्हें दक्षिणा और कुछ उपहार देकर ही घर से विदा करें।
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