नरम पड़ा अमेरिका..! बोला, भारत को रूस से दूर जाने के लिए चाहिए लंबा वक्त
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भारत-रूस की दोस्ती को तोडऩे में विफल रहे अमेरिका ने आखिरकार अपनी हार मान ली है। अब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि है कि भारत को रूस से दूरी बनाने के लिए लंबे समय की आवश्यकता होगी। अमेरिका शुरू से ही भारत पर रूस से संबंधों को कम करने का दबाव बनाता रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका दुनिया को किसी की हार और किसी की जीत के संदर्भ में नहीं देखता है। अमेरिका यह समझता है कि भारत जैसे देशों को रूस के प्रति अपनी नीतियों को फिर से उल्टा करने के लिए लंबे समय की आवश्यकता होगी।
विदेश नीति बदलना हल्का स्विच नहीं
प्राइस से सवाल पूछा गया कि भारत ने रूस पर अमेरिकी रुख का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। क्या भारत के इनकार की व्याख्या वाशिंगटन के नीति निर्माताओं की विफलता के तौर पर की जा सकती है? इसके जवाब में नेड प्राइस ने कहा कि हमने दुनिया भर के देशों को यूक्रेन में रूस की आक्रामकता के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने वोट सहित स्पष्ट रूप से बोलते देखा है। लेकिन, हम यह भी मानते हैं कि यह एक हल्का स्विच नहीं है।
अमेरिका में भारत विरोधी लॉबिंग तेज हुई
अमेरिका में भारत विरोधी लॉबी रूस के साथ मोदी सरकार के संबंधों को लेकर उग्र है। भारत ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है। इतना ही नहीं, भारत अब वोस्तोक 2020 अभ्यास में अपनी सैन्य टुकड़ी को भी रूस भेजने वाला है। इसी समय में भारत ने रूस से एस-400 की डिलीवरी भी प्राप्त की है। एके-203 रायफल के कुछ बैच को भी आधिकारिक रूप से भारतीय सेना में शामिल किया गया है।
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