Archery World Cup: भारतीय पुरुष रिकर्व टीम अतानु दास, बी धीरज और तरूणदीप राय की तिकड़ी फाइनल में, चीन से होगी भिड़ंत
<p><em>भारत की पुरुष रिकर्व टीम ने तुर्की के अंताल्या में चल रहे तीरंदाजी विश्व कप चरण एक में गुरुवार को तीन जीत दर्ज करते हुए नौ साल में पहली बार फाइनल में जगह बनाई। महिलाओं की कम्पाउंड में शीर्ष वरीय ज्योति सुरेखा वेनम ने भी सप्ताह के अंत के मुकाबले में जगह बनाई, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बनाई। अतानु दास, बी धीरज और तरूणदीप राय की तिकड़ी रविवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन से भिड़ेगी। </em></p>
नौ साल में पहली बार पहुंचे फाइनल में
भारत अगर खिताब जीतता है तो यह विश्व कप की पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में 13 साल के बाद उसका पहला स्वर्ण पदक होगा।भारत ने इसके बाद 13वें वरीय जापान को कड़े मुकाबले में 5-4 से हराया। भारतीय टीम ने शूट ऑफ में 29-28 के स्कोर से जीत दर्ज की। चार सेट के बाद दोनों टीम 4-4 (49-52, 57-52, 54-51, 52-57) से बराबर थी जिसके बाद भारतीय टीम ने टाईब्रेकर में दो परफेक्ट 10 और एक नौ अंक के साथ जीत दर्ज की।
इससे पहले 2008 में जीता था विश्वकप
भारतीय टीम ने इसके बाद दो आसान जीत दर्ज की। टीम ने 12वें वरीय चीनी ताइपे और नौवें वरीय नीदरलैंड को 6-2 के समान अंतर से हराया। क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे के खिलाफ भारतीय तिकड़ी को अधिक परेशानी नहीं हुई। पिछले साल भारतीय टीम के लिए कट चूकने वाले अतानु दास ने फरवरी में हरियाणा के सोनीपत में हुए रिकर्व ट्रायल में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद टीम में जगह बनाई। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में रिकर्व टीम का नेतृत्व किया और टीम को चौथी वरीयता प्राप्त करने में मदद की। भारत ने अंताल्या में ही 2008 में पहली बार विश्व कप में सफलता का स्वाद चखा था। जयंत तालुकदार, राहुल बनर्जी और मंगल सिंह चंपिया की टीम ने अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों को 218-215 से हराकर विश्व कप में पहली बार रिकर्व पुरुष टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। तब से भारतीय पुरुषों की रिकर्व टीम ने विश्व कप में पांच स्वर्ण पदक जीते हैं।
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