Bageshwar Dham : अब भी ट्रेंड कर रहे हैं बागेश्वरधाम के बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री....
<p>Bageshwar Dham : कभी 'जय हनुमान, 'जय श्री राम' ट्रेंड करता है तो कभी 'Bageshwar Dham सरकार'.... और लोगो में अपने धर्म के प्रति इस जन जागृति को जगाने का श्रेय जाता है Bageshwar Dham के बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को। </p> <p>Bageshwar Dham के महाराज की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि अब वह अपनी वाकपटुता और बयानों को लेकर भी आये दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति नामक एक संगठन द्वारा कथित रूप से भाग जाने के बाद,उन्होंने अपने कार्यक्रम के दौरान अपनी भक्ति की शक्तियों को पूरे मीडिया के सामने भी दिखा कर जवाब दिय। उसके बाद से आज तक बागेश्वर धाम 'बाबा' धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अभी भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे है। उनके भक्तो और दर्शनार्थियों का विश्वास टूटता नहीं दीखता। <strong> कौन हैं ये बागेश्‍वर धाम वाले धीरेंद्र शास्‍त्री जी, आइये जानते हैं इनका जीवन परिचय..</strong></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
Bageshwar Dham वाले Dhirendra Shastri का जन्म वर्ष 1996 में छतरपुर जिले में हुआ। उनके पिता रामकृपाल गर्ग और माता सरोज की तीन संतानें हैं। धीरेंद्र शास्त्री का एक छोटा भाई है राम गर्ग और बहन रीता गर्ग। उनका नाम धीरेंद्र गर्ग है और उनकी मां उन्हें प्यार से धीरू बुलाती है।
धीरेंद्र गर्ग की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई और इसके बाद उन्होंने पास के गांव से ही हाईस्कूल और हायर सकेंड़ी की पढ़ाई पूरी की। धीरेंद्र का परिवार बहुत गरीब था और उनके पिता पुरोहित का काम किया करते थे। परिवार के चाचा के साथ पुरोहित का काम बांटने के बाद धीरेंद्र गर्ग के परिवार पर आर्थिक संकट छा गया था। इस दौरान उनकी मां ने भैंस का दूध बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण किया।
धीरेंद्र गर्ग की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई और इसके बाद उन्होंने पास के गांव से ही हाईस्कूल और हायर सकेंड़ी की पढ़ाई पूरी क। धीरेंद्र का परिवार बहुत गरीब था और उनके पिता पुरोहित का काम किया करते थे। परिवार के चाचा के साथ पुरोहित का काम बांटने के बाद धीरेंद्र गर्ग के परिवार पर आर्थिक संकट छा गया था। इस दौरान उनकी मां ने भैंस का दूध बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण किया।
श्रीबाला जी महाराज के इस मंदिर के पीछे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दादा सेतुलाल गर्ग संन्यासी बाबा की समाधि भी है। जब धीरेंद्र शास्त्री यहां कथा करने लगे तो बागेश्वर के इस मंदिर को लोग बागेश्वर धाम कहने लगे। आज हजारों की संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
ऐसा दावा किया जाता है कि धीरेंद्र शास्त्री के बागेश्वर धाम में देश दुनिया से लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। इस दरबार में आने वाले लोगों के मन की बात को धीरेंद्र शास्त्री पहले ही पर्चे पर लिख देते हैं, जिसे सुनकर सब हैरान रह जाते हैं।
बागेश्वर धाम के महाराज की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि अब वह अपनी वाकपटुता और बयानों को लेकर भी आये दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। अपने भक्तो को प्यार से "मेरे पागलो" कह कर सम्बोधित करते हैं। वैसे महाराज अपनी कथाओं और बयानों में बुंदेली भाषा का इस्तेमाल जमकर करते हैं।
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