दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर धर्मशाला में जुटे नेता, शुभकामनाएं देते हुए किया सम्मानित

तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर धर्मशाला एक शांत लेकिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे समारोह का गवाह बना, जहां भारत भर से राजनीतिक नेताओं ने उनकी शांति, अहिंसा और करुणा के प्रति आजीवन समर्पण को सम्मानित..

दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर धर्मशाला में जुटे नेता, शुभकामनाएं देते हुए किया सम्मानित
06-07-2025 - 01:59 PM

धर्मशाला। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर धर्मशाला एक शांत लेकिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे समारोह का गवाह बना, जहां भारत भर से राजनीतिक नेताओं ने उनकी शांति, अहिंसा और करुणा के प्रति आजीवन समर्पण को सम्मानित किया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस अवसर पर बोलते हुए धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सरकार की नीति को दोहराया। उन्होंने कहा, “दलाई लामा की संस्था पूरी तरह धार्मिक है और भारत सरकार का मानना है कि धर्म के मामलों में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए।”

रिजिजू ने दलाई लामा के लंबे जीवन की कामना की और कहा कि वैश्विक समुदाय अब भी उनकी बुद्धिमत्ता से लाभान्वित हो रहा है। जब उनसे चीन की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “हम सब कुछ परम पावन पर छोड़ते हैं।”

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि वह अरुणाचल की जनता का प्रतिनिधित्व करने धर्मशाला पहुंचे हैं और इसे उन्होंने एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने दो टूक कहा, “बौद्ध धर्म भले ही चीन में हो, लेकिन दलाई लामा की संस्था तिब्बत और हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले बौद्ध अनुयायियों से जुड़ी है। चीन को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।”

खांडू ने यह भी कहा कि भारत और चीन दोनों बड़े आर्थिक देश हैं और विवादों का समाधान राजनयिक स्तर पर होना चाहिए, युद्ध कभी समाधान नहीं हो सकता।”
उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि दोनों देश सहयोग करें, तो वे दुनिया को नेतृत्व देने की क्षमता रखते हैं।

अरुणाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष तापिर गाव ने दलाई लामा को प्रेम, शांति और करुणा का प्रतीक” बताते हुए कहा कि विश्व समुदाय को बौद्ध संस्कृति को पहचान देनी चाहिए, न कि चीन के दबाव के आगे झुकना चाहिए।”

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने भी इस अवसर पर उपस्थित होकर दलाई लामा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “हम यहां उनकी शांति के लिए आजीवन संघर्ष को सम्मान देने आए हैं। सरकार का धर्म और आस्था के मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं है।”

इस अवसर पर दलाई लामा ने अपने आधिकारिक 'X' अकाउंट से एक विशेष संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, “मेरे जन्मदिन को करुणा और दयालुता के साथ मनाने वाले सभी लोगों का मैं आभारी हूं।
भौतिक प्रगति के लिए काम करना ज़रूरी है, लेकिन आत्मिक शांति प्राप्त करना और दयालु हृदय विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने अपने जीवनभर की प्रतिबद्धताओं को दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य मानवीय मूल्यों, धार्मिक समरसता, भारतीय दर्शन की समझ और तिब्बती संस्कृति के संरक्षण को आगे बढ़ाना है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।