ऑस्ट्रेलिया में मस्जिद का नया प्रस्ताव: लाउडस्पीकर के माध्यम से अज़ान का साप्ताहिक प्रसारण

ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मस्जिद हर सप्ताह लाउडस्पीकर के माध्यम से मुस्लिम अज़ान (प्रार्थना के लिए बुलावा) प्रसारित करने की योजना बना रही है। इसके लिए सिडनी की एक नगर परिषद के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है..

ऑस्ट्रेलिया में मस्जिद का नया प्रस्ताव: लाउडस्पीकर के माध्यम से अज़ान का साप्ताहिक प्रसारण
09-04-2025 - 11:47 AM

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मस्जिद हर सप्ताह लाउडस्पीकर के माध्यम से मुस्लिम अज़ान (प्रार्थना के लिए बुलावा) प्रसारित करने की योजना बना रही है। इसके लिए सिडनी की एक नगर परिषद के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है।

लेकेंबा मस्जिद, जिसे मस्जिद अली बिन अबी तालिब के नाम से भी जाना जाता है, ने सिडनी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित कैंटरबरी-बैंकस्टाउन परिषद में एक नया आवेदन दायर किया है, जिसमें मस्जिद के मीनार पर चार लाउडस्पीकर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह सिडनी की पहली मस्जिद होगी जो पूरे वर्ष नियमित रूप से अज़ान का प्रसारण करेगी।

योजना दस्तावेजों के अनुसार, 2021 की जनगणना में लगभग दो-तिहाई लेकेंबा की आबादी ने खुद को इस्लाम धर्म का अनुयायी बताया, जबकि लगभग एक-चौथाई ने अपने घरों में अरबी भाषा बोले जाने की बात कही।

आवेदन के अनुसार, यह प्रस्तावित विकास कार्य क्षेत्रीय ज़ोनिंग नियमों के अंतर्गत परिषद की सहमति से संभव है।

मस्जिद का स्वामित्व और संचालन लेबनीज़ मुस्लिम एसोसिएशन (LMA) द्वारा किया जाता है, जो कि 1962 में स्थापित एक सामुदायिक, गैर-लाभकारी संगठन है।

LMA के एक प्रवक्ता ने डेली मेल ऑस्ट्रेलिया को बताया, “यह प्रस्ताव भले ही विनम्र है, लेकिन हमारे समुदाय के लिए अत्यंत अर्थपूर्ण है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान और धार्मिक विविधता की स्वीकार्यता को दर्शाता है।”

लेकेंबा मस्जिद एक सुन्नी मुस्लिम पूजा स्थल है। इसका उद्घाटन 1977 में पूर्व प्रधानमंत्री गफ़ व्हिटलम की उपस्थिति में हुआ था और इसे ऑस्ट्रेलिया की सबसे महत्वपूर्ण मस्जिद माना जाता है।

यह मस्जिद वांगी रोड पर स्थित है, जहाँ आस-पास ज्यादातर एक-मंज़िला आवासीय इमारतें और कुछ निम्न-ऊँचाई वाले व्यवसायिक भवन हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार, अज़ान का प्रसारण सप्ताह में केवल एक बार, शुक्रवार की नमाज़ (जुमा) से पहले किया जाएगा, जिसकी अवधि लगभग पांच मिनट होगी।

LMA प्रवक्ता ने कहा, “अज़ान शुक्रवार को दोपहर के समय प्रसारित की जाएगी, जब अधिकतर लोग कार्यस्थलों, स्कूलों या अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, जिससे न्यूनतम विघ्न होगा।” उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थानीय निवासी और समुदाय के सदस्य इस प्रस्ताव के प्रति भारी समर्थन जता रहे हैं। यह सांस्कृतिक समावेश और सार्वजनिक जीवन में शांति के साथ आस्था को व्यक्त करने की स्वतंत्रता का प्रतीक है।”

प्रवक्ता के अनुसार, परिषद की आवेदन प्रक्रिया के दौरान उन्हें कोई औपचारिक आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। आस-पास के पड़ोसियों से प्राप्त अनौपचारिक प्रतिक्रिया सम्मानजनक और सकारात्मक रही है। हम संतुलन की महत्ता को समझते हैं, और यह प्रस्ताव धार्मिक अभिव्यक्ति को कायम रखते हुए स्थानीय निवासियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

गौरतलब है कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मई 2020 में रमज़ान के महीने में इस मस्जिद से अज़ान का सार्वजनिक प्रसारण किया गया था, जो इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना है।

LMA प्रवक्ता ने आगे बताया, अज़ान एक पारंपरिक और शांतिपूर्ण प्रार्थना का आह्वान है,यह इबादत के समय का स्मरण कराता है। यह न तो कोई भाषण है, न उपदेश, और न ही कोई राजनीतिक संदेश बल्कि शुक्रवार को विशेष रूप से एक आध्यात्मिक क्षण होता है।” उन्होंने कहा, दुनिया के कई शहरों जैसे लंदन, बर्मिंघम, ऑकलैंड, टोरंटो, स्टॉकहोम, न्यूयॉर्क सिटी और नीदरलैंड के कुछ हिस्सों में अज़ान का सार्वजनिक प्रसारण पहले से ही किया जाता है।” उन्होंने कहा, ये उदाहरण दिखाते हैं कि दुनिया भर के शहर कैसे विश्वास और संस्कृति को सम्मानपूर्वक और सौहार्दपूर्ण तरीके से समायोजित करते हैं।”

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।