चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने ऑनर किलिंग पर जताई चिंता, कहा घरवालों की मर्जी के खिलाफ विवाह एक प्रमुख वजह
<p>चीफ जस्टीस(CJI) डी वाई चंद्रचूड़ ने देश में बढ़ते ऑनर किलिंग को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि देश में सैकड़ों की संख्या में लोग ऑनर किलिंग के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा, युवा बड़ी संख्या में इसके शिकार होते हैं क्योकि वे जाति की सीमा को लांघकर अपना जीवनसाथी चुनते हैं।</p>
चीफ जस्टीस(CJI) डी वाई चंद्रचूड़ ने देश में बढ़ते ऑनर किलिंग को लेकर गहरी चिंता जताई और अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि देश में सैकड़ों की संख्या में लोग ऑनर किलिंग के शिकार होते हैं. उन्होंने कहा, युवा बड़ी संख्या में इसके शिकार होते हैं क्योकि वे जाति की सीमा को लांघकर अपना जीवनसाथी चुनते हैं। देश में हर साल प्रेम प्रसंग के चलते या दूसरी जाति में शादी करने की वजह से सैकड़ों युवा मार दिए जाते हैं। उन्होंने इस पर शोक भी जताया। जस्टिस चंद्रचूड़ मुंबई में पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई की 90वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में राय अपनी रख रहे थे।
गांव वालों ने कर दिया था माफ़ हत्या के आरोपी मांबाप को
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने 1991 के एक आर्टिकल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे 1991 में उत्तर प्रदेश में एक 15 साल की लड़की को उसके माता-पिता ने मार डाला था। गांव वालों ने उस अपराध को स्वीकार कर लिया क्योंकि उनके मुताबिक लड़की ने समाज के खिलाफ कदम उठाया था। वह समाज जिसे पावरफुल लोगों ने बनाया है और उसका कमजोर तबके को पालन करना पड़ता है। जबकि ये नियम उस तबके के लोगों की परंपराओं के खिलाफ हैं।
दबंग लोग तय करते हैं नैतिकता
उन्होंने कहा कि दबंग लोग जो तय करते हैं वही नैतिकता मानी जाती है। कमजोर तबकों को इतना दबाया जाता है कि वे खुद के नियम नहीं बना पाते।यहां कमजोर लोगों को दबंगों के सामने झुकना पड़ता है। ऐसे लोगों की सहमति भले की एक मिथक है जिसे चाह कर भी अपनी मर्जी के खिलाफ नहीं जा पाते हैं।
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