कोरोना जैसी ढिलाई अब नहीं..! चीन में नई रहस्यमयी बीमारी पर डबल्यूएचओ ने मांगी जानकारी

<p><em><strong>संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को एक बयान में कहा, &lsquo;डब्ल्यूएचओ ने सांस संबंधी बीमारियों में वृद्धि और बच्चों में निमोनिया के समूहों की रिपोर्ट पर विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अनुरोध किया है।&rsquo;</strong></em></p>

कोरोना जैसी ढिलाई अब नहीं..! चीन में नई रहस्यमयी बीमारी पर डबल्यूएचओ ने मांगी जानकारी
24-11-2023 - 09:13 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

कोरोना के बाद चीन में फिर से एक नई बीमारी की खबर आ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उत्तरी चीन में निमोनिया के प्रकोप के बारे में बीजिंग से अधिक जानकारी मांगी है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। यह खबर अल जजीरा के हवाले से आ रही है। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘डब्ल्यूएचओ ने सांस संबंधी बीमारियों में वृद्धि और बच्चों में निमोनिया के समूहों की रिपोर्ट पर विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अनुरोध किया है।’
रिपोर्ट के अनुसार, अगर पिछले तीन सालों से दिसंबर महीने में चीन में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों में भारी वृद्धि हुई है, वह भी उस समय जब यहां पर जीरो-कोविड नीति सख्ती से लागू थी। चीन ने जीरो-कोविड नीति को पिछले साल दिसंबर में समाप्त कर दिया था।
सांस संबंधी बीमारियों में तेजी
डब्ल्यूएचओ ने बताया, ‘चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने इस महीने की शुरुआत में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि सांस संबंधी बीमारियों की घटनाओं में तेजी आई है। इसका प्रमुख कारण रहा है, कोविड-19 को रोकने के उपायों में ढिलाई देना।’
कोविड की रोकथाम में ढिलाई वजह
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड की रोकथाम में ढिलाई देने की वजह से न केवल कोविड से संबंधित बीमारियों में इजाफा हुआ बल्कि इन्फ्लूएंजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया (एक सामान्य जीवाणु संक्रमण जो आम तौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है), और श्वसन सिंकाइटियल वायरस जैसी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है।
कोरोना को बहुत पहले पहचाना था
एक ऑनलाइन चिकित्सा समुदाय प्रो-मेड, जिसने 2019 में वुहान में फैल रही एक बीमारी की पहचान की थी। बाद में उसे कोविड-19 के रूप में पहचाना गया। इसी समूह ने फिर से उत्तरी चीन से आने वाली अज्ञात निमोनिया मीडिया रिपोर्टों की बढ़ती संख्या ध्यान खींचा। एक ताइवानी मीडिया आउटलेट ने बताया कि बीजिंग, लियाओनिंग और उत्तर के अन्य स्थानों पर चाइल्ड हॉस्पिटल्स ‘बीमार बच्चों से भरे पड़े थे’, जबकि कुछ रिपोर्ट में यह बताया गया कि निमोनिया से बीमार बच्चों के माता-पिता ने अधिकारियों पर ‘महामारी को छुपाने’ का आरोप लगाया है। प्रोमेड ने आगे बताया कि ‘संबंधित बीमारी’ के बारे में चीन को निश्चित रूप से जानकारी जरूरी थी, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान स्थिति का अधिक ब्यौरा मांगा है।
डब्ल्यूएचओ ने क्या-क्या जानकारियां मांगी
डब्ल्यूएचओ ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम विभाग के माध्यम से बच्चों के बीच इन रिपोर्ट किए गए समूहों से अतिरिक्त महामारी विज्ञान और निदान की जानकारी के साथ-साथ प्रयोगशाला के परिणामों के रिपोर्ट की जानकारी के बारे में अनुरोध किया है। मालूम हो कि 2019 के अंत में आए कोविड-19 महामारी को पहले एक अज्ञात निमोनिया के रूप में लेबल दिया गया था। बीमारी का आनुवंशिक कोड को इससे पहली मृत्यु के बाद जनवरी 2020 में सार्वजनिक किया गया था। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।