सोनीपत में बनी 4 कफ सीरप से गांबिया में बच्चों की मौत ? WHO के अलर्ट पर शुरू जांच
<p><strong><em>सरकार के सूत्रों ने कहा कि मौत के सटीक कारण ना तो डब्ल्यूएचओ द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं और ना ही दवा और इसके लेबल का ब्योरा केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के साथ साझा किया गया है ताकि उत्पादन के स्रोत की पुष्टि हो सके।</em></strong></p>
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को चेतावनी दी कि हरियाणा के सोनीपत स्थित ‘मैडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड’ द्वारा कथित तौर पर उत्पादित दूषित और कम गुणवत्ता वाले चार कफ सीरप पश्चिमी अफ्रीका के देश गाम्बिया में हुई बच्चों की मौत का कारण हो सकते हैं। वहीं, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस मामले में जांच शुरू करने के साथ ही WHO से ब्योरा मांगा है। हालांकि ऑल इंडिया ओरिजिन केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स ने यह स्पष्ट किया कि Maiden Pharmaceuticals Limited ड्रग्स की कोई सप्लाई भारत में नहीं होती है। इसका काम केवल एक्सपोर्ट का है। अगर इसके बाद भी डीजीसीआई ने कोई गाइडलाइन निकाली है तो हम उसका पालन जरूर करेंगे।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कहा कि कंपनी की ओर से उत्पादित चार तरह के कफ सीरप के नमूनों को कोलकाता स्थिति केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला में भेजा गया है।उन्होंने कहा कि केंद्र के औषध विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) से बात की है।
सरकार के सूत्रों ने कहा कि मौत के सटीक कारण डब्ल्यूएचओ द्वारा ना तो उपलब्ध कराये गये हैं और ना ही दवा और इसके लेबल का ब्योरा केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)के साथ साझा किया गया है ताकि उत्पादन के स्रोत की पुष्टि हो सके। उपलब्ध सूचना के आधार पर सीडीएससीओ पहले ही इस मामले में हरियाणा के नियामक प्राधिकरण के साथ तात्कालिक जांच के लिए कदम उठा चुका है।
सूत्रों के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने 29 सितंबर को डीसीजीआई को सूचित किया था कि गाम्बिया में बच्चों की मौत का संभावित कारण उन दूषित दवाओं का इस्तेमाल हो सकता है जिनमें 23 नमूनों की जांच के बाद डाइएथीलीन ग्लाइकोल/एथीलीन ग्लाइकोल की मात्रा मिली।
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