ब्रह्मोस में जिरकॉन मिसाइल की तकनीक, हाइपरसोनिक वर्जन हराम कर देगा चीन-पाक की नींद
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भारत और रूस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के नए वेरिएंट को बनाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। ब्रह्मोस-2 नाम की यह मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड से चलने में सक्षम होगी। इतना ही नहीं, इस मिसाइल में रूस की सबसे घातक जिरकान मिसाइल की टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। जिरकान दुनिया में सबसे तेज गति से चलने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है। इसकी स्पीड 6100 किलोमीटर से लेकर 11000 किलोमीटर तक है। वर्तमान में ब्रह्मोस दुनिया की एकमात्र ऐसी मिसाइल है जिसे जमीन, हवा, पानी और पनडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है। इस मिसाइल को भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इस मिसाइल के अलग-अलग वेरिएंट्स की रेंज 300 से 700 किलोमीटर के बीच है।
पांच से छह साल में पहली उड़ान भरेगी
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ अतुल राणे के अनुसार ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के हाइपरसोनिक वेरिएंट का काम अडवांस स्टेज में है। इसमें जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइल की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रह्मोस-2 की पहली उड़ान पांच से छह साल में आयोजित की जा सकती है।
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