इमरान खान के लॉन्ग मार्च का जवाब सेना देगी या लगेगा मार्शल लॉ?
<p><em><strong>पाकिस्तानी सेना और आईएसआई चीफ की धमकी से बेखौफ इमरान खान लाहौर से इस्लामाबाद तक विशाल आजादी मार्च निकाल रहे हैं।</strong></em></p>
पाकिस्तान में एक बार फिर से राजनीतिक माहौल बहुत ही तनावपूर्ण हो गया है। पाकिस्तानी सेना और आईएसआई चीफ की धमकी से बेखौफ इमरान खान लाहौर से इस्लामाबाद तक विशाल आजादी मार्च निकाल रहे हैं। इमरान खान और पाकिस्तानी की सेना के बीच अब सीधी मुठभेड़ के आसार हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान के ऐतिहासिक शहर लाहौर से शहबाज शरीफ सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इमरान खान का आजादी मार्च अब राजधानी इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आईएसआई पर आरोप लगाया है कि वह उनके कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने भारत की विदेश की नीति की तारीफ की और कहा कि वह नवाज शरीफ की तरह से देश को छोड़कर नहीं जाएंगे।
इमरान ने यह भी कहा कि आईएसआई चीफ और सेना प्रवक्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस सियासी थी। इमरान ने अपने भाषण में यह भी कहा कि जनरल बाजवा आपको लोग बदनाम कर रहे हैं। इससे पहले इमरान खान को पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी। वहीं अब पीटीआई नेता ने लॉन्ग मार्च के रूप में अपना ब्रह्मास्त्र चलाकर सीधे-सीधे सेना और शहबाज सरकार से टक्कर लेने का मन बना चुके हैं।
पहले भी कर चुके लाॅन्ग मार्च
इमरान खान लॉन्ग मार्च निकालने के लिए ही जाने जाते रहे हैं। इमरान खान लाखों लोगों को लेकर इस्लामाबाद पहुंच जाते हैं और फिर वहां पर धरना देने के लिए तब तक बैठे रहते हैं, जब तक कि उनकी मांगें मान नहीं ली जाती हैं। इमरान खान का यह दांव कई बार सफल रहा है, वहीं कई बार यह असफल भी रहा है। इस बीच पाकिस्तानी गृहमंत्री राना सनाउल्ला ने इमरान के आजादी मार्च को रोकने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। उन्होंने इस्लामाबाद की सुरक्षा में 13 हजार पुलिसकर्मियों और सेना को तैनात किया है।
सरकार से टकराव के आसार
राना सनाउल्ला ने ऐलान किया है कि अगर किसी ने कानून को तोड़ने की कोशिश की तो उसे कड़ाई से कुचल दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इमरान खान के इस आजादी मार्च के दौरान ऐसा टकराव हो सकता है जैसा पहले कभी नहीं हुआ था। पाकिस्तानी सेना से भिड़ने की जुर्रत पहले भी कई नेता कर चुके हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई है।
मार्शल लॉ लगने की आशंका बहुत ज्यादा
जानकारों का अनुमान है कि इमरान खान को रोकने के लिए सेना को सीधे तौर पर उतारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार पर सेना की पकड़ और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। राजनीतिक विश्लेषक अहमद बिलाल महबूब का कहना है कि अगर टकराव और हिंसा बढ़ी तो पाकिस्तान में मार्शल लॉ लगने की आशंका बहुत ज्यादा हो जाएगी।
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