पृथ्वी को अंतरिक्ष से मिला पहला लेजर मैसेज: 50 सेकेंड में रिसीव हुआ, दूसरे ग्रहों पर फोटो-वीडियो भेज सकेंगे
<p><em><strong>पृथ्वी को पहली बार अंतरिक्ष से लेजर मैसेज मिला है। ये मैसेज 16 मिलियन किलोमीटर (10 मिलियन मील) की दूरी से पृथ्वी पर भेजा गया। मैसेज को रिसीव करने में सिर्फ 50 सेकेंड लगे। नासा ने कहा- ये पहली बार है जब हमें लेजर मैसेज मिला है।</strong></em></p>
अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा ने कहा- ये मैसेज अंतरिक्ष में मौजूद हमारे साइकी स्पेसक्राफ्ट से भेजा गया, जो 50 सेकेंड में पृथ्वी पर रिसीव हुआ। हम काफी समय से रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल करके स्पेसक्राफ्ट के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करते हैं, लेकिन अब तक एजेंसी ने पहले कभी भी इतनी दूर से अंतरिक्ष में लेजर का उपयोग करके जानकारी ना ही भेजी और ना रिसीव की थी।
स्पेस में कम्युनिकेशन को बेहतर बनाएगा
नासा के अधिकारी टर्डी कोर्टिस के मुताबिक, इस अचीवमेंट से स्पेस में कम्युनिकेशन को बेहतर करने का रास्ता निकलेगा। उन्होंने कहा- इससे हम वो तकनीक इजात कर पाएंगे जिससे भविष्य में दूसरे ग्रहों पर साइंटिफिक जानकारी, फोटो और वीडियो भेजे जा सकें।
13 अक्टूबर को लॉन्च हुआ था साइकी स्पेसक्राफ्ट
साइकी स्पेसक्राफ्ट को 13 अक्टूबर को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। इस एक्सपेरिमेंट के लिए डीप स्पेस ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। ये सिस्टम साइकी स्पेसक्राफ्ट पर लगाया गया था। इस सिस्टम का इस्तेमाल लेजर-बीम मैसेज को पृथ्वी पर वापस भेजने के लिए किया जाता है।
लेजर मैसेज रिसीव करना बड़ी उपलब्धि
वर्तमान समय में डीप स्पेस में स्पेसक्राफ्ट के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए पृथ्वी पर बड़े एंटीना लगाए जाते हैं। इन एंटीना से मैसेज भेजे और रिसीव करने के लिए रेडियो सिग्नल का उपयोग किया जाता है। लेकिन उनकी बैंडविड्थ सीमित होती है।
रेडियो सिग्नल की जगह लाइट का इस्तेमाल
इस एक्सपेरिमेंट के बाद अब नासा रेडियो सिग्नल की बजाय ‘लाइट’ का इस्तेमाल करके पृथ्वी और स्पेसक्राफ्ट के बीच संपर्क स्थापित कर सकता है। इसी लाइट या लेजर के माध्यम मैसेज भेजा और रिसीव किए जा सकते हैं। नासा के मुताबिक, यह सिस्टम अभी इस्तेमाल हो रही स्पेस कम्युनिकेशन डिवाइस की तुलना में 10 से 100 गुना ज्यादा तेजी से इंफॉर्मेशन को भेज सकता है।
14 नवंबर को रिसीव हुआ था मैसेज
नासा ने बताया कि 14 नवंबर को साइकी स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया में पालोमर ऑब्जर्वेटरी में हेल टेलिस्कोप के साथ एक कम्युनिकेशन लिंक स्थापित किया। इस कम्युनिकेशन लिंक के सफल प्रयोग को ‘फर्स्ट लाइट’ नाम दिया गया है।
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