रामलला के द्वार मोहन सरकार, अयोध्या धाम में भव्य स्वागत
<p>जय-जय सिया राम, जय मां नर्मदे, जय महाकाल के नारे लगाती प्रदेश की सरकार रामलला के दर्शन करने अयोध्या धाम पहुंच चुकी है। जहां सीएम मोहन यादव के साथ उनके पूरे मंत्रीमंडल का भव्य स्वागत किया गया। आपको बता दें कि एक विशेष विमान से सीएम मोहन यादव के साथ उनका पूरा मंत्रिमंडल सपरिवार अयोध्या धाम राममंदिर पहुंचा है।</p>
रामलला के दर्शन करने अयोध्या धाम एमपी की राजधानी भोपाल से रवाना हुई मोहन सरकार की ये विशेष फ्लाइट अयोध्या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक घंटे में पहुंच गई। रामलला के दर्शन करने अयोध्या धाम रवाना होने से पहले सीएम मोहन यादव को केसरी रंग की पगड़ी पहनाकर उनके परिजनों और वरिष्ठ नेताओं ने शुभकामनाएं देकर पूरे मंत्रिमंडल के साथ रवाना किया।
बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि फरवरी माह में अयोध्या में अधिक भीड़ होने और अन्य व्यस्तताओं के कारण मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों ने मार्च माह में अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने जाने का निर्णय लिया था। यह हमारी भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा है, हम सनातन संस्कृति को मानने वाले भी हैं। हमारी आस्था का केंद्र आज जब सबकी श्रद्धा के रूप में उभरकर सामने आया है, तो स्वाभाविक रूप से सबकी भावना भी जुड़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, यह सभी देशवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपनी सुविधानुसार अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाने का आव्हान किया ।
400 सीट के साथ मोदी जी की सरकार बनने की कामना करेंगे सीएम
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में खुशहाली की कामना के साथ ही 400 सीट के साथ मोदी जी की सरकार बनने की कामना करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आज अयोध्या यात्रा जाने पर गर्व हो रहा है। कार सेवा में मैं माजूद था। मेरे साथ के दो साथियों का कार सेवा में निधन हो गया था। आज रामलला के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बता दें सरकार अयोध्या में मध्य प्रदेश की जनता के लिए भवन बनाकर धर्माशाला और सरयू नदी के किनारे सम्राट विक्रमादित्य घाट बनाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है।
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