Holashtak 2023:आज से होलाष्टक शुरू, आठ दिनों तक न करें कोई भी शुभ कार्य
<p><em>Holashtak 2023: आज से होलाष्टक शुरू हो चुके हैं | आज से आठ दिन तक यान 6 मार्च 2023 तक कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे। भारतीय मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों कीअवधि में किए गए मांगलिक कार्यों पर इनके ग्रहों का दुष्प्रभाव पड़ता है, जिसका असर सभी राशियों के जीवन पर भी पड़ता है। इस दौरान गर्भवती स्त्रियों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।</em></p>
Holashtak 2023:
‘होलाष्टक’ दो शब्दों से मिलकर बना है, होला और अष्टक। अष्टक अर्थात् 8 इसलिए होली जलने से 8 दिन पूर्व होलाष्टक में शुभ कर्म नहीं किए जाते, न ही कोई मांगलिक कार्य होता है, कोई नई वस्तु भी नहीं खरीदी जाती।
ग्रह होते हैं उग्र स्वरूप में
इन आठ दिनों में ग्रह अपने उग्र स्वरूप में होते हैं इसलिए मनुष्य की निर्णय क्षमता कमजोर हो जाती है। कार्यो का शुभ फल मिलने की जगह विपरीत असर होता है। इसी कारण इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इन दिनों होंगे ये ग्रह उग्र-
27 फरवरी अष्टमी- चंद्र
28 फरवरी नवमी- सूर्य
1 मार्च दशमी- शनि
2 मार्च एकादशी- शुक्र
3 मार्च द्वादशी- बृहस्पति
4 मार्च त्रयोदशी- बुध
5 मार्च चतुर्दशी- मंगल
6 मार्च पूर्णिमा- राहु-केतु उग्र
गर्भवती महिलाओं को बरतनी चाहिए विशेष सतर्कता
गर्भवती महिलाएं रखें विशेष सावधानी होलाष्टक के आठ दिनों में ग्रहों की उग्रता में अनेक तांत्रिक सिद्धियां प्राप्त करते हैं इसलिए इस दौरान गर्भवती स्त्रियों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। इन्हें बाहर निकलने, नदी-नाले पार करने, यात्रा आदि करने से रोक दिया जाता है। फाल्गुन माह के इन अंतिम आठ दिनों में तंत्र-मंत्र की क्रियाएं अपने चरम पर होती हैं जो गर्भस्थ शिशु को हानि पहुंचा सकती है।
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