पाकिस्तानी सीमा जेल से रिहा: बोली- मैंने हिंदू धर्म अपनाया, योगी-मोदी से अपील- मुझे यहीं रहने दें
<p><em><strong>सीमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा- भारत का कानून, सिस्टम और रहन-सहन बहुत अच्छा है। जब यहां के लोगों को पता चला कि मैं पाकिस्तानी हूं तो मुझे बहुत रिस्पेक्ट दे रहे थे। </strong></em></p>
पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर गुलाम और उसके प्रेमी सचिन को शनिवार को नोएडा जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों सुबह 11 बजे रबुपुरा स्थित सचिन के घर पहुंचे। यहां दोनों ने मीडिया से बात की। सीमा ने कहा- मैंने सचिन से नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में शादी की थी। हिंदू धर्म भी अपना लिया है। इसके बाद भी दुनिया प्रूफ मांगती है। इसलिए अब मैं कोर्ट मैरिज करूंगी और गंगा भी नहाऊंगी। सचिन को तीन साल से जानती थी। उनके बगैर मैं नहीं रह सकती। अब मैं सचिन के साथ ही रहूंगी, पाकिस्तान नहीं जाऊंगी। मुझे आस-पास के लोगों से कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए मेरे पति और मम्मी-पापा ही सबकुछ हैं। योगी और मोदी से गुहार लगाती हूं कि मुझे यहीं रहने दिया जाए। मीडिया से बात करते हुए कपल काफी खुश दिख रहा था। यही नहीं, कुछ सवालों में सीमा झिझकती नजर आई। इस दौरान वह सचिन को देखकर मुस्कराती हुई दिखाई दी। यही नहीं, दोनों ने अंत में बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाई।
सीमा बोली- भारत में बहुत रिस्पेक्ट मिली
सीमा हैदर गुलाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा- मैं सचिन के प्यार में यहां आई। यहां का कानून, सिस्टम और रहन-सहन भी बहुत अच्छा है। मैं कराची से यहां आई हूं और अब यहीं रहना चाहती हूं। जब यहां के लोगों को पता चला कि मैं पाकिस्तानी हूं तो मुझे बहुत रिस्पेक्ट दे रहे थे।
पुलिस अब करेगी आरोप पत्र दायर
सीमा और सचिन के वकील हेमंत कृष्ण पाराशर ने कहा कि अब पुलिस इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दायर करेगी। इसे नॉर्मल केस की तरह ही लड़ा जाएगा। चार्जशीट के बाद जितनी भी तारीख आएंगी, उसमें कपल को जाना होगा। इसके अलावा जांच एजेंसियां अपना काम करती रहेंगी। सीमा-सचिन को जांच में सहयोग करना होगा।
सीमा का पाकिस्तानी कनेक्शन, इसलिए कोर्ट मैरिज नहीं हो सकी
शुक्रवार को नोएडा कोर्ट में वकील हेमंत कृष्ण पाराशर ने दावा किया था- दोनों ने नेपाल में शादी की, इसके बाद सीमा भारत आई। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं। इसलिए सीमा अब वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहती है। यही नहीं, पिछले महीने 30 जून को दोनों बुलंदशहर में कोर्ट मैरिज भी करने वाले थे, लेकिन पाकिस्तान से कनेक्शन होने के चलते शादी नहीं हो सकी। दोनों लौट कर घर आ गए।
बच्चों की देखरेख और सुरक्षा का हवाला
वकील पाराशर ने सीमा-सचिन के प्यार, उनके चार बच्चों की देख-रेख और सुरक्षा का हवाला दिया। दलील और बहस सुनने के बाद जेवर सिविल कोर्ट जूनियर डिवीजन न्यायाधीश नाजिम अकबर ने सचिन-सीमा हैदर को पता न बदलने और देश नहीं छोड़ने की शर्त पर जमानत दे दी। इससे पहले गुरुवार को कोर्ट ने सचिन के पिता नेत्रपाल को जमानत दे दी थी।
पबजी खेलने के दौरान प्यार हुआ था
सीमा हैदर के वकील ने कोर्ट में बताया कि कराची की रहने वाली सीमा की पबजी गेम खेलने के दौरान सचिन से पहचान हुई। धीरे-धीरे दोनों को प्यार हो गया, इसके बाद वे वीडियो कॉल करने लगे। सीमा मार्च महीने में पाकिस्तान से नेपाल आई। काठमांडू के पशुपति नाथ मंदिर में दोनों ने शादी की। 7 दिनों तक नेपाल के होटल में रुके। फिर सीमा पाकिस्तान लौट गई।
13 मई को बस में भारत आई
इसके बाद सीमा हैदर वापस 13 मई को नेपाल के रास्ते बस में सवार होकर पाकिस्तान से भारत आई। 3 जुलाई को यह मामला पुलिस तक पहुंच गया। इसके बाद सचिन और उसके पिता नेत्रपाल और 4 जुलाई को सीमा को हरियाणा के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया। सीमा के बच्चों की कम उम्र की वजह से मां के साथ उनको भी जेल भेजा गया था।
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