तनोट माता की शरण में गहलोत, बीएसएफ को जमीन आवंटित, भारत-पाक सीमा बनेगी टूरिस्ट्स डेस्टिनेशन

<p><em><strong>भारत-पाक सरहद पर स्थित तनोट माता मंदिर क्षेत्र में पर्यटन विस्तार को लेकर सीएम गहलोत ने बड़ा कदम उठाया है। बीएसएफ को निःशुल्क भूमि आवंटन को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दे दी है।</strong></em></p>

तनोट माता की शरण में गहलोत, बीएसएफ को जमीन आवंटित, भारत-पाक सीमा बनेगी टूरिस्ट्स डेस्टिनेशन
12-12-2022 - 06:36 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजस्थान और केन्द्र सरकार के पर्यटन विभाग तथा सीमा सुरक्षा बल के सहयोग से भारत-पाक सीमा को टूरिस्ट्स डेस्टिनेशन से तौर पर डवलप किया जा रहा है। इस सपने को साकार करने के लिए अब राजस्थान सरकार ने बीएसएफ को निःशुल्क भूमि आवंटित कर दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से लिए गए इस फैसले के बाद सियासी गलियारों से लेकर जैसलमेर तक में एक चर्चा है। बताया जाता है कि राजस्थान सरकार के मुखिया अशोक गहलोत की तनोट माता मंदिर में गहरी आस्था रखते हैं। सीएम गहलोत जब भी किसी काम की शुरुआत करते हैं या उनकी सरकार पर कोई संकट गहराता है तो वह तनोट माता के दर्शन को जरूर जाते हैं। साल 2020 में भी सियासी संकट के दौरान भी गहलोत अपनी सियासत बचाने के लिए जैसलमेर आए थे।
सियासी संकट में माता की शरण में
बीते दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गहलोत को जिम्मेदारी देने की बात चली, तब भी वे माता तनोट के दरबार में आए थे। तब यह कयास जा रहे थे कि गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे। वह राजस्थान के मुख्यमंत्री ही बने रहना चाहते थे, जिसे भी माता ने स्वीकार कर लिया। विधानसभा चुनाव हो या सीएम का सामान्य जैसलमेर दौरा। जब भी गहलोत जैसलमेर आते हैं तनोट माता के दर्शन को जरूर जाते हैं। उनकी आस्था के चलते माता ने भी उन्हें आज तक निराश नहीं करती।
निःशुल्क आवंटित की है जमीन
तनोट को सीएम गहलोत की संकटकालीन राजधानी भी माना जाता है। राजनीतिज्ञों का भी मानना है कि माता तनोट यहां हर बार उनके संकट हरती है। वही, गहलोत ने भी अपनी इसी आस्था के चलते तनोट को पर्यटन से जोड़ने के लिए बीएसएफ को यह भूमि निःशुल्क आवंटित की है।
2.9 बीघा भूमि जमीन में जगमगाएगा गौरवशाली इतिहास
ग्राम पंचायत तनोट में राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 102 के तहत 2. 9 बीघा भूमि निःशुल्क आवंटन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत यहां तनोट माता मंदिर के अलावा किशनगढ़ किला और लोंगेवाला युद्ध स्मारक को भी डवलप किया जाएगा। मंदिर में दर्शन के साथ ही यहां बनने वाले इंटरप्रिटेशन सेंटर में पर्यटक सेना के अस्त्र-शस्त्र, स्थानीय कला व संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को जान सकेंगे।
बनेगी बड़ी फोटो गैलरी
इसके साथ ही बड़ी फोटो गैलरी भी यहां लगाई जाएगी, जिसमें सेना के शौर्य के साथ ही देश- विदेश की प्रमुख हस्तियों की झलक भी देखने को मिलेगी। यहां, पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय, कैफेटेरिया और पार्किंग एरिया भी विकसित किया जाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।