सिंधु जल संधि में संशोधन को लेकर भारत ने पाकिस्तान को जारी किया नोटिस, संधि पर पाक की प्रतिकूल कार्रवाइयों के कारण मजबूरन लेना पड़ा एक्शन

<p><em>सितंबर 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन को लेकर भारत ने पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को अक्षरश: लागू करने का&nbsp;भारत दृढ़ समर्थक, जिम्मेदार और भागीदार रहा है। पाक की कार्रवाइयों ने सिंधु संधि के प्रावधानों पर उलटा &nbsp;प्रभाव डाला है। इस वजह से भारत को नोटिस जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।</em></p>

सिंधु जल संधि में संशोधन को लेकर भारत ने पाकिस्तान को जारी किया नोटिस, संधि पर पाक की प्रतिकूल कार्रवाइयों के कारण मजबूरन लेना पड़ा एक्शन
27-01-2023 - 01:13 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

इस नोटिस का उद्देश्य पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के उल्लंघन को सुधारने के लिए 90 दिनों के भीतर अंतर-सरकारी वार्ता में प्रवेश करने का अवसर प्रदान करना है। यह प्रक्रिया पिछले 62 वर्षों में स्थिति बदलने के अनुसार सिंधु जल संधि को अपडेट भी करेगी।

क्या है सिंधु जल संधि 
सिंधु जल संधि के प्रावधानों के तहत सतलज, व्यास और रावी का पानी भारत को और सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी पाकिस्तान को दिया गया है। भारत और पाकिस्तान ने नौ सालों की बातचीत के बाद 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें विश्व बैंक भी एक हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) है।
दोनों देशों के जल आयुक्तों को साल में दो बार मुलाकात करनी होती है और परियोजना स्थलों एवं महत्त्वपूर्ण नदी हेडवर्क के तकनीकी दौरे का प्रबंध करना होता है। 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।