पाकिस्तान तुर्की अज़रबैजान का तोड़ आर्मीनिया से निकाला, भारत देगा पिनाका
<p>आर्मीनिया ऐसा पहला देश बन गया है जो स्वदेशी पिनाका को अपनी सेना में शामिल करेगा। आर्मीनिया लंबे समय से अपने पड़ोसी देश अजरबैजान की आक्रामकता का सामना कर रहा है।</p>
भारत ने आर्मीनिया को पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर बेचने की मंजूरी दे दी है। इसी के साथ आर्मीनिया ऐसा पहला देश बन गया है जो भारत निर्मित पिनाका को अपनी सेना में शामिल करेगा। आर्मीनिया लंबे समय से अपने पड़ोसी देश अजरबैजान की आक्रामकता का सामना कर रहा है। आर्मीनिया की हालत कमोबेश भारत जैसे ही है। भारत के कश्मीर की तरह अजरबैजान भी नागोर्नो काराबाख पर कब्जे के लिए आर्मीनियाई कब्जे वाली जमीन पर हमले करते रहता है। आर्मीनिया ईसाई बहुल देश है, जबकि अजरबैजान इस्लामिक राष्ट्र है।
अजरबैजान का उदय भारत के लिए चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, तुर्की पाकिस्तान सैन्य सहयोग से अजरबैजान का उदय भारत के लिए सीधी चेतावनी है। अजरबैजान ने इस्लाम के नाम पर तु्र्की और पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ाकर कई घातक हथियार हासिल किए हैं। इन्हीं हथियारों के दम पर वह आर्मीनिया को गहरे जख्म देता रहा है। भारत को यह भी आशंका है कि अजरबैजान को उदाहरण के तौर पर देखकर कई दूसरे देश भी पाकिस्तान और तुर्की की गोद में जा सकते हैं।
अजरबैजान के पास तुर्की और पाक हथियारों की ताकत
अजरबैजान ने 2020 में तुर्की से खरीदे गए बायरकटार टीबी-2 ड्रोन के जरिए आर्मीनियाई सेना को जबरदस्त चोट पहुंचाई थी। इन ड्रोन हमलों ने आर्मीनियाई तोपखाने, टैंक और मिलिट्री बेस पर कहर बरपा दिया था। अजरबैजान अब पाकिस्तान के साथ अपने सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए जेएफ -17 लड़ाकू विमानों की खरीद पर भी बातचीत कर रहा है।
कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन
तुर्की और अजरबैजान हाल के दिनों में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दृढ़ समर्थक रहे हैं। दोनों देश जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को वापस लेने के भारत के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी प्रोपगैंडा का भी हिस्सा बनते रहे हैं। बदले में, पाकिस्तान ने हमेशा आर्मीनिया के साथ नागोर्नो कराबाख क्षेत्रीय विवाद पर अजरबैजान की लाइन का समर्थन किया है।
भारत के अजरबैजान से मजबूत आर्थिक संबंध
दिलचस्प बात यह है कि आर्मेनिया की तुलना में भारत के अजरबैजान के साथ अधिक मजबूत आर्थिक संबंध हैं। भारतीय कंपनी ओएनजीसी ने अजरबैजान के गैस के क्षेत्र में काफी निवेश भी किया है। लेकिन, अजरबैजान ने शुरू से ही आर्थिक संबंधों को महत्व न देते हुए कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन किया है।
भारत का पिनाका रॉकेट लॉन्चर कितना ताकतवर?
आर्मीनिया ने भारत के साथ मिसाइल, पिनाका रॉकेट और गोला बारूद खरीदने का सौदा किया है। इस महीने में भारत और आर्मीनिया की सरकार के बीच कई समझौते हुए हैं। माना जा रहा है कि यह पूरा सौदा 2000 करोड़ रुपये का है। इस डील से भारत के हथियार उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आर्मीनिया की सुरक्षा में भी तगड़ा इजाफा होगा। इस रॉकेट लॉन्चर का डिजाइन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के लैब आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट ने बनाया है, जबकि इसका निर्माण भारत की ही एक सरकारी और दो प्राइवेट कंपनियां टाटा समूह और लार्सन एंड टुब्रो मिलकर करती हैं। पिनाका के लॉन्चर से 44 सेकंड में 12 हाई एक्सप्लोसिव रॉकेट को फायर किया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 तक, हर साल पिनाका रॉकेट लॉन्चर की लगभग 5000 मिसाइलों का उत्पादन किया जा रहा था। हालांकि, अब इसके एक और उन्नत वेरिेएंट को भी भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है।
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