भारतीय हवाई योद्धा ने छुड़ाए प्रतिद्वंद्वियों के पसीने ! तेजस ने दुबई एयर शो में दिखाई ताकत
<p><em><strong>दुबई में चल रहे दुनिया के बड़े एयर शो, दुबई एयर शो में भारत के लड़ाकू विमान तेजस ने गजब के करतब दिखाए हैं। लगातार दूसरी बार इस एयर शो में भारतीय वायुसेना शामिल थी, जिसमें 20 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं। तेजस ने एयर शो में अपनी क्षमता दिखाई है, ये क्षमता अब कई गुना बढ़ने वाली है। इसकी वजह तेजस को अल तारिक का साथ मिलना है। अल तारिक के तेजस से जुड़ जाने के बाद अपने टारगेट को भेदने की क्षमता काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।</strong></em></p>
दुनिया का सबसे छोटा और हल्का सुपरसोनिक फाइटर जेट एलसीए तेजस और भी घातक होने जा रहा है। इसकी वजह ये है कि भारत में बने इस लड़ाकू जेट के साथ अल तारिक को भी जोड़ा जाएगा। अल तारिक-एलआर सटीक युद्ध सामग्री किटों के अल तारिक फैमिली का हिस्सा है। ये अपनी टेक्नोलॉजी के चलते पूरी सटीकता के साथ टारगेट को हिट करता है। इसे खास तरह से डिजाइन किया गया है। इसकी खूबी ये है कि ये हवा में भी अपनी दिशा बदल सकता है।
तेजस के साथ अल तारिक को जोड़ने की घोषणा दुबई एयर शो के मौके पर की गई थी। इसको लेकर साल की शुरुआत में अल-तारिक (यूएई बेस ईडीजीई और दक्षिण अफ्रीकी डेनेल के बीच संयुक्त उद्यम) और भारतीय एयरोस्पेस प्रमुख हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बीच समझौता हुआ है। इस समझौते का उद्देश्य लंबी दूरी के सटीक हथियार की पेशकश करने के अपने अभियान के हिस्से के रूप में तेजस और अल तारिक यानी एलआर-पीजीएम को एकीकृत करना है। एचएएल के तेजस एलसीए पर एएल तारिक के एलआर-पीजीएम का पूर्ण एकीकरण 2024 की तीसरी तिमाही में पूरी होने की उम्मीद है।
दो गुना से ज्यादा बढ़ जाती है स्टैंड ऑफ रेंज
अल तारिक के सीईओ थ्यूनिस बोथा ने कहा है कि हम तेजस फाइटर जेट के ग्राहकों को हाई-टेक्नोलॉजी समाधान प्रदान करने के रणनीतिक अभियान में एचएएल के साथ जुड़े हैं। अल तारिक हथियार प्रणाली को खास तौर पर एलसीए तेजस के लिए ही डिजाइन किया गया है। ये हर मौसम के लिए उपयुक्त है। इसे तेजस के विंग किट जोड़ने से स्टैंड-ऑफ रेंज 45 किमी से 120 किमी तक बढ़ जाती है।
मिग-21 की जगह लेगा तेजस
भारतीय वायु सेना के मिग-21 को बेड़े से बाहर किया जा रहा है। इससे एलसीए तेजस भारतीय वायु सेना के लिए और ज्यादा अहम हो जाएगा। इंडियन एयर फोर्स ने दक्षिण भारत के सुलूर हवाई अड्डे पर तेजस को तैनात किया है। एलसीए तेजस को फ्रंट लाइन पर तैनात करने का मकसद, घाटी में उड़ान और दूसरे अभियानों में अनुभव हासिल करने में मदद करना है। अग्रिम ठिकानों पर तैनाती ये भी दिखाती है कि इस विमान में भारतीय वायुसेना का भरोसा बढ़ा है।
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