परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा चीन, न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा: सैटेलाइट तस्वीरों ने उड़ाई दुनिया की नींद
<p><em>जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास की जंग का दंश झेल रही है, तब ऐसे वक्त में चालबाज चीन परमाणु परीक्षण की गुप्त तैयारी में जुटा है। चीन अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु संचालित हथियारों की क्षमता के परीक्षण व ताकत बढ़ाने को यह तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ये दावा किया।</em></p>
रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध के बीच शातिर चीन परमाणु परीक्षण करने की तैयारी में जुटा है। अमेरिका के मशहूर अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की ओर से यह दावा किया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने चीन के परमाणु परीक्षण स्थल की सैटेलाइट तस्वीरें भी प्रकाशित की हैं। इन सैटेलाइट तस्वीरों में चीन की हरकतों को साफ देखा जा सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक विस्तृत रिपोर्ट में पहली बार सैटेलाइट तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं, जो चीन के उत्तर-पश्चिम में सुदूर झिंजियांग स्वायत्त क्षेत्र में चीन की लोप नूर परमाणु परीक्षण स्थल के संभावित पुनर्सक्रियन का संकेत दे रही हैं।
मिसाइलों के अनुरूप हथियारों का विकास
तस्वीरें संकेत करती हैं कि चीन जल्द ही पूर्ण परमाणु परीक्षण या संभवतः सबक्रिटिकल परमाणु विस्फोट करने के करीब पहुंच सकता है। वह इसकी तैयारी कर चुका है। उप-क्रिटिकल प्रयोग में रासायनिक विस्फोटकों का उपयोग करके परमाणु विस्फोटों का अनुकरण किया जाता है। चीन द्वारा परमाणु परीक्षण बढ़ाने का यह प्रयास नई पीढ़ी की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों पर फिट किए गए अपने कुछ नवीनतम परमाणु हथियार डिजाइनों के परीक्षण और उन्हें योग्य बनाने में बीजिंग की रुचि को इंगित करता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिया चीन के खिलाफ सुबूत
न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस परमाणु परीक्षण को लेकर चीन के खिलाफ पूरा सुबूत पेश किया है। एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भू-स्थानिक खुफिया विशेषज्ञ डॉ. रेनी बेबियार्ज द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों के आधार पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसका आधार तैयार किया है। इससे यह दावा पुख्ता हो रहा है। बता दें पेंटागन के पूर्व विश्लेषक डॉ. बार्बियार्ज ने लोप नूर परमाणु परीक्षण स्थल की उपग्रह इमेजरी का अध्ययन करने में वर्षों बिताए हैं। बता दें कि चीन ने 16 अक्टूबर, 1964 को अपना पहला परमाणु परीक्षण इसी साइट पर किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है, ष्लोप नूर की यह गतिविधियां अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील क्षणों में से एक है।
चीन ने रिपोर्ट को किया खारिज, बाइडेन ने कही ये बात
चीन ने इस रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह ‘छाया से चिपक रहा है। निराधार रूप से ‘चीनी परमाणु खतरे’ को हवा दी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में लोप नूर की छवियां सुविधा के उन्नयन की प्रक्रिया को दर्शाती हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि वह तेजी से बढ़ते विवादास्पद रिश्ते को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले महीने चीन के नेता शी जिनपिंग के साथ एक शिखर बैठक में समझौते के उपाय की मांग की थी।’
5 साल में हुआ जगह का कायापलट
न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है, ‘2017 तक, मुट्ठी भर इमारतों वाली एक पुरानी साइट सुरक्षा बाड़ से घिरे एक आकर्षक और अत्याधुनिक परिसर में बदल गई है। इसकी नई संरचनाओं में मिट्टी के ढेर और बिजली रोकने वालों द्वारा संरक्षित एक बंकर शामिल है, जो इसे उच्च विस्फोटकों से निपटने के लिए आदर्श बनाता है।’ गौरतलब है कि तस्वीरें क्षेत्र में एक नए एयरबेस के निर्माण, पहाड़ी-विशेषताओं में कई शाफ्टों के निर्माण और स्मोकिंग गन, करीब 90 फीट ऊंची एक बड़ी ड्रिलिंग रिग इत्यादि को देखा गया है।
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