भारत और अमेरिका दोनों जगह महंगाई बनी बैरन
सोमवार, 12 सितंबर को भारत में महंगाई के आंकड़े जारी हुए थे। इसके बाद मंगलवार, 13 सितंबर को अमेरिका में महंगाई के आंकड़े जारी हुए हैं। दोनों ही देशों में महंगाई अधिक दर्ज हुई है। इसका असर यह है कि महंगाई को रोकने के लिए अब यूएस फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाना तय सा हो गया है। यूएस फेडरल रिजर्व के बाद भारत में आरबीआई की तरफ से भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद है। इसका सीधा-सीधा नुकसान ऋण (लोन) लेने वालों को होगा। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सहित हर तरह के लोन पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी। जिन्होंने पहले से घर के लिए कर्ज ले रखा है, उन्हें ईएमआई में अधिक रकम चुकानी होगी। अमेरिका में महंगाई का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। यूएस स्टॉक मार्केट में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली है। इसका असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिखाई दे सकता है।
आरबीआई भी बढ़ा सकता है दरें
यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जाती है, तो उसके बाद आरबीआई भी दरें बढ़ा सकता है। आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक 28 सितंबर से 30 सितंबर के बीच होने जा रही है।
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