चीनी नौसेना से घबराया जापान, विश्वयुद्ध की पाबंदियां भूल अब बनाएगा मिसाइल डिफेंस वॉरशिप
चीन के बढ़ते सामरिक इरादे देखकर अब उसके पड़ोसी भी अपनी शांतिपूर्ण नीतियां त्यागने को मजबूर हो रहे हैं। जापान ने चीनी हमले का डर देखते हुए मिसाइल डिफेंस वॉरशिप बनाने का ऐलान किया है। ये वॉरशिप दुश्मन की दागी गई मिसाइलों को न सिर्फ ट्रैक करने में माहिर होंगे बल्कि जरूरत पडऩे पर मार भी गिराएंगे। शुरुआती प्रस्ताव के अनुसार, अभी तक ऐसी दो वॉरशिप बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है।
वर्ल्ड वॉर के बाद पहली बार
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका होगा, जब जापान इतने बड़े आकार के युद्धपोतों को बनाएगा। दरअसल, अमेरिकी परमाणु हमले के बाद जापान ने अपनी सैन्य ताकत को सिर्फ रक्षात्मक तरीके से इस्तेमाल करने का फैसला किया था। जापान ने यह भी नियम बनाया था कि वह कभी भी परमाणु हथियारों को नहीं बनाएगा और ना ही बड़े युद्धपोतों का निर्माण करेगा।
परमाणु हथियारों की भी मांग
जापान ने 20000 टन से ज्यादा विस्थापन वाले युद्धपोतों को बनाने का फैसला ही नहीं किया है बल्कि वहां परमाणु हथियारों की मांग भी बढ़ती जा रही है। कुछ दिनों पहले ही ताइवान से तनाव के दौरान चीन ने जापान की जलीय सीमा में कई मिसाइलें दागी थी।
690 फीट लंबे और 130 फीट चौड़े युद्धपोत
इन युद्धपोतों की लंबाई लगभग 690 फीट और बीम लगभग 130 फीट का होगा। मिसाइल डिफेंस युद्धपोत 20000 टन विस्थापन वाला होगा। जापान के नौसैनिक बेड़े में शामिल इजुमो क्लास का हेलिकॉप्टर कैरियर ही नये वाले युद्धपोतों से बड़ा होगा। इजोमो कैरियर की लंबाई 814 फीट और चौड़ाई 125 फीट के आसपास है। यह जापानी नौसेना का हेलीकॉप्टर कैरियर होने के साथ एफ-35 का भी ऑपरेशनल बेस होगा।
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