भारत को प्राचीन व ऐतिहासिक महत्व की 105 मूर्तियां वापस सौंपी अमेरिका ने

<p>अमेरिका ने को भारत को 105 प्राचीन कलाकृतियां सौंप दी हैं। न्यूयॉर्क में हुए एक समारोह में भारतीय दूतावास को ये कलाकृतियां सौंपी गई। ये कलाकृतियां चोरी और तस्करी के जरिए अमेरिका पहुंच गई थीं।24 जून को अपनी राजकीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने रोनाल्ड रीगन सेंटर में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए अमेरिका के इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय मूल की ये प्राचीनकालीन वस्तुएं सही या गलत तरीकों से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गई थीं, लेकिन अमेरिका ने इन्हें भारत को लौटाने का फैसला किया है।</p>

भारत को प्राचीन व ऐतिहासिक महत्व की 105 मूर्तियां वापस सौंपी अमेरिका ने
19-07-2023 - 11:58 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी कई विदेशी दौरों पर वैश्विक नेताओं के साथ इस मामले पर चर्चा की, जिसकी बदौलत अब तक कई प्राचीन मूर्तियों और कलाकृतियों को विदेशों से वापस स्वदेश लाया गया है।जून में हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी दौरे में ही इसका फैसला हो गया था। बता दें कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को पुनर्जीवित करने के प्रयास के तहत प्राचीनकालीन वस्तुओं को वापस लाए जाने की कोशिशें की जा रही हैं।

इससे पहले अमेरिकी ने 2022 में 307 प्राचीनकालीन वस्तुओं को भारत को लौटाया था। ये प्राचीनकालीन वस्तुएं तस्करी करके चुराई गई थीं, जिनकी कीमत लगभग 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी। इसमें से 238 को 2014 के बाद वापस लाया गया है।

भारत सरकार की ओर से कहा गया कि सदियों से, असंख्य अमूल्य कलाकृतियां, जिनमें से कुछ का गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है, वो चोरी हो गईं और विदेशों में तस्करी करके ले जाई गईं। उन्हें वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने बताया कि अमेरिका के एरिजोना में भगवान बुद्ध की सुंदर प्रतिमा मौजूद है, जिसे जल्द ही भारत को लौटाया जाएगा। साथ ही वैदिक काल के हिंदू मंदिरों की भी कई कलाकृतियां वापस लौटाई जाएंगी। न्यूयॉर्क के मशहूर मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित समारोह के दौरान बौद्ध इतिहास से जुड़ी कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं।

एरिक गार्सेटी ने कहा कि लोग भूल जाते हैं कि बुद्ध का जन्म भारत में हुआ और यह पूरी दुनिया को भारत का तोहफा है। भारत से ही बौद्ध धर्म एशिया, दक्षिण एशिया में फैला। लोग इतिहास में भारत के योगदान के बारे में नहीं जानते और हमें भारत के योगदान के प्रति आभारी होना चाहिए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।