89 के मेघवाल ने ठोकी ताल, बोले-भाजपा में टिकट के लिए उम्र की सीमा नहीं
<p><em><strong>साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में सर्वाधिक मतों के अंतर से शाहपुरा से चुनाव जीतने वाले मेघवाल ने यह भी कहा कि विधानसभा क्षेत्र पार्टी तय करेगी।</strong></em></p>
राजस्थान में भाजपा के उम्रदराज नेता पूर्व स्पीकर और विधायक कैलाश मेघवाल ने 89 साल उम्र में भी विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोक दी है। सोमवार को भीलवाड़ा में उन्होंने साल 2023 में चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जगजाहिर की। हालांकि मेघवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक विधायकों के स्पीकर सीपी जोशी को दिए गए इस्तीफों के बारे में नो कमेंट एक बार फिर सीएम गहलोत के प्रति अपने प्रेम को दर्शाया है।
विधायक कैलाश मेघवाल ने कहा कि पहले उम्र ज्यादा हो गई है, यह चर्चा चली थी। जिससे मैं निष्क्रिय हो गया था। एक चर्चा चल रही थी राजस्थान में कि 70 साल से ऊपर के व्यक्तियों को टिकट नहीं दिया जाएगा। फिर हमारे राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि नहीं वरिष्ठ को भी टिकट दिया जाएगा। उम्र का प्रतिबंध नहीं रहेगा। तब से मैं वापस सक्रिय हो गया। जो आप देख रहे हो मैं राजस्थान बीजेपी में किसी गुट में नहीं, भारतीय जनता पार्टी में हूं।
राजनेता हर चुनाव के लिए तैयार रहता है
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में सर्वाधिक मतों के अंतर से शाहपुरा से चुनाव जीतने वाले मेघवाल ने यह भी कहा कि विधानसभा क्षेत्र पार्टी तय करेगी। साल 2023 के विधानसभा आम चुनाव के बारे में कहा कि राजनेता हर चुनाव के लिए तैयार रहता है। सेना जिस तरह तैयार रहती है।
गहलोत के लिए नरम रुख
भाजपा की राजनीति में विधायक कैलाश मेघवाल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति नरम रुख वाला समझा जाता है। सचिन पायलट समर्थक विधायकों के मानेसर जाने के समय भी कैलाश मेघवाल ने गहलोत की सरकार गिराए जाने को उचित नहीं बताया था।
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