JAI MAHAKAL : मोदी बोले, शंकर के सान्निध्य में सब कुछ अलौकिक है
<p><em><strong>JAI MAHAKAL :</strong></em></p> <p><em><strong>‘MAHAKAL LOK’ के लोकार्पण के बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत महाकाल महादेव, महाकाल महाप्रभु, महाकाल महारुद्र, महाकाल नमोस्तुते... के साथ की।</strong></em></p>
‘MAHAKAL LOK’ के लोकार्पण के बाद PM Modi ने अपने भाषण की शुरुआत महाकाल महादेव, महाकाल महाप्रभु, महाकाल महारुद्र, महाकाल नमोस्तुते... के साथ की। उन्होंने कहा, महाकाल लोक में लौकिक कुछ भी नहीं। शंकर के सान्निध्य में सबकुछ अलौकिक है। असाधारण है। अविस्मरणीय है।
PM Modi ने मंगलवार रात Ujjain में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रक्षा सूत्र (कलावा) बनाए गए 15 फीट ऊंचे शिवलिंग की प्रतिकृति का रिमोट से जैसे ही अनावरण किया, अध्यात्म का यह नया आंगन सभी के लिए खुल गया। मोदी ने कहा, अतीत में हमने देखा है कि प्रयास हुए, परिस्थितियां पलटीं, सत्ताएं बदलीं, भारत का शोषण भी हुआ, आजादी भी गई।
ज्योतिर्लिंगों का विकास भारतीय संस्कृति का विकास
पीएम मोदी ने कहा, इल्तुतमिश जैसे आक्रमणकारियों ने भारत की ऊर्जा को नष्ट करने के प्रयास किए। हमारे ऋषियों ने कहा, Mahakal shiv की शरण में मृत्यु भी हमारा क्या कर लेगी। भारत इसीलिए फिर उठ खड़ा हुआ। Mahakal का आशीर्वाद जब मिलता है, तो काल की रेखाएं मिट जाती हैं। हमारे ज्योतिर्लिंगों का विकास भारतीय संस्कृति का विकास है। भला ऐसे कैसे हो सकता है कि महाकाल बुलाएं और ये बेटा न आए।
साहित्य-संस्कृति का आधार उज्जैन नगरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, उज्जैन नगरी का वास्तु कैसा था, वैभव कैसा था, शिल्प कैसा था, सौंदर्य कैसा था? इसके दर्शन हमें महाकवि कालिदास के मेघदूतम् में होते हैं। बाणभट्ट जैसे कवियों के काव्य में यहां की संस्कृति और परंपराओं का चित्रण आज भी हमें मिलता है।
गर्भगृह में 3 मिनट तक जप किया...
लोकार्पण से पहले शाम 6.30 बजे मोदी ने Mahakal के दर्शन किए और मत्था टेका। सबसे पहले नंदी को प्रणाम किया। महाकाल को चंदन, मोगरे और गुलाब की माला अर्पित कर जनेऊ चढ़ाया। नए वस्त्र अर्पित किए। सूखे मेवे और फल का भोग लगाया। वे संध्या आरती में शामिल हुए, इसके बाद महाकाल के दक्षिण दिशा में बैठकर रुद्राक्ष की माला से 3 मिनट तक जप करते हुए ध्यान लगाया। दानपेटी में दक्षिणा भी दी।
30 मिनट तक Mahakal Lok में घूमे...
शाम 7 बजे पीएम मोदी ने ई-व्हीकल से ‘Mahakal Lok’ का परिसर घूमा। ई-व्हीकल से वे कमल सरोवर, रुद्रसागर और सबसे बड़ी म्यूरल्स वॉल देखने पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने उन्हें ‘महाकाल लोक’ में बने 108 पिलर और म्यूरल्स से जुड़ी जानकारी दी।
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