जगमगाती रोशनी, ड्रोन शो और भक्ति ने सोमनाथ में उमड़ा जनसैलाब
शनिवार को प्राचीन सोमनाथ मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग आधी रात के बाद तक मंदिर परिसर में डटे रहे। आतिशबाज़ी, भव्य सजावट और ड्रोन शो के साथ धार्मिक उत्साह ने मिलकर इस ऐतिहासिक तीर्थस्थल पर अभूतपूर्व भीड़..
सोमनाथ (गुजरात)। शनिवार को प्राचीन सोमनाथ मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग आधी रात के बाद तक मंदिर परिसर में डटे रहे। आतिशबाज़ी, भव्य सजावट और ड्रोन शो के साथ धार्मिक उत्साह ने मिलकर इस ऐतिहासिक तीर्थस्थल पर अभूतपूर्व भीड़ खींची।
यह भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मंदिर दर्शन के तुरंत बाद देर शाम अपने चरम पर पहुंची। इसमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल थे, स्थानीय निवासी भी और दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु भी।
शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में ‘ॐकार मंत्र’ के जाप में हिस्सा लिया, दर्शन किए और करीब 3,000 ड्रोन से सजे भव्य ड्रोन शो को भी देखा, जो ज़मीन पर मौजूद विशाल जनसमूह के अनुरूप ही भव्य था।
मुंबई (महाराष्ट्र) से प्रीति करेलिया 24 अन्य महिलाओं के साथ खास तौर पर इन आयोजनों को देखने आई थीं।
उन्होंने कहा, “हम आज सोमनाथ मंदिर और अपने प्रधानमंत्री को देखने आए हैं। मंदिर की परंपराओं और उसकी दृढ़ता का यह उत्सव अद्भुत अनुभूति देता है। आतिशबाज़ी, मंदिर तक जाने वाली सड़कों की सजावट और शानदार ड्रोन शो ने उस दिव्यता को और बढ़ा दिया, जिसने एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को यहां खींच लिया।”
मुंबई से आई इस महिला समूह ने खुद को एक ‘भजन मंडली’ बताया।
मंदिर तक जाने वाली मुख्य सड़क शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक, को फूलों और थीम आधारित सजावट से सजाया गया था।
‘त्रिशूल’, ‘ॐ’ और ‘डमरू’ के आकार की रोशनियां पूरी सड़क पर लगी थीं। इसके साथ ही सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के पोस्टर और फूलों से बने ‘शिवलिंग’ भी आकर्षण का केंद्र थे।
शहर भर में लगे बड़े-बड़े बैनरों पर पर्व का नाम और नारे जैसे ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ तथा भावनात्मक पंक्तियां—‘प्रहार से पुनरुत्थान का साक्षी, मैं स्वयंभू सोमनाथ हूं’ लिखी थीं।
शंख सर्कल के पास बने भव्य द्वार को फूलों से सजाया गया था। शाम के समय कर्नाटक से आए लोकनृत्य कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में वहां से गुज़रे, जिन्हें देखकर स्थानीय लोग उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाते दिखे।
जैसे-जैसे शाम ढली और रात गहराई, भीड़ और बढ़ती गई। प्रधानमंत्री के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर के मुख्य द्वारों के पास जनसागर उमड़ पड़ा, जबकि सुरक्षा कर्मी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
शनिवार रात दर्शन करने वालों में भावनगर से आए धार्मिक संत भारद्वाज गिरी और पड़ोसी जूनागढ़ ज़िले के वरिष्ठ नेता गिरीश एम. कोटेचा भी शामिल थे। वीर हमीरजी गोहिल सर्कल के पास भारद्वाज गिरी ने कहा कि वीर हमीरजी जैसे लोगों ने “हमारे हिंदू तीर्थस्थलों की अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया।”
मंदिर परिसर की ओर मुख किए पूरा सर्कल रोशनी और फूलों से जगमगा रहा था, जो अत्यंत आकर्षक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।
कोटेचा ने कहा, “यह सोमनाथ की आत्मा का उत्सव है और आप लोगों के चेहरों पर खुशी साफ देख सकते हैं।”
जहां कुछ लोग दर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ड्रोन शो के बाद लौटने लगे, वहीं बड़ी संख्या में नये श्रद्धालु खासतौर पर महिलाएं जनवरी की ठंड के बावजूद उत्साह के साथ पहुंचती रहीं।
परिवार के साथ आधी रात के करीब मंदिर पहुंचे हर्ष शाह ने कहा, “सोमनाथ बाबा लोगों को खींच रहे हैं, हम भी सजावट और रोशनी देखने आए।”
करीब 15 मिनट तक चले ड्रोन शो में भगवान शिव, विशाल शिवलिंग और सोमनाथ मंदिर की 3डी आकृति सहित कई विषयगत आकृतियां दिखाई गईं। इसके बाद हुई शानदार आतिशबाज़ी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह पूरा कार्यक्रम स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित किया गया, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं देखा।
ड्रोन शो में एक दृश्य ऐसा भी था, जिसमें सदियों में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण, उसके विनाश और फिर उसके पुनर्निर्माण तथा दृढ़ता को दर्शाया गया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह पर्व महमूद गज़नवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
स्वतंत्रता के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रयास सरदार वल्लभभाई पटेल ने शुरू किए थे। 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में पुनर्निर्मित मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।
कई श्रद्धालु मंदिर परिसर के मुख्य औपचारिक द्वार के सामने स्थापित सरदार पटेल की प्रतिमा के साथ तस्वीरें खिंचवाते भी नजर आए।
सोमनाथ मंदिर देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। स्थानीय निवासी और आइसक्रीम विक्रेता चंद मल, जो देर रात दर्शन करने आए थे, ने कहा, “मैं यहां अक्सर आता हूं, लेकिन इतनी भीड़ पहले कभी नहीं देखी। यह वाकई अभूतपूर्व है और आज भगवान शिव का आशीर्वाद मिलना खास महसूस हो रहा है।”
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 8 से 11 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
रविवार सुबह 9:45 बजे प्रधानमंत्री मोदी ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया। यह एक औपचारिक शोभायात्रा होगी, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा में बलिदान देने वालों के सम्मान में आयोजित की जा रही है।
इस यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस शामिल होगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है।
इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह 10:15 बजे मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद और 11 बजे बाद स्वाभिमान पर्व के सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राजकोट के लिए रवाना होंगे।
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