मुख्तार अंसारी के भाई ने दी धमकी, कहा- कहानी खत्म नहीं हुई 10 साल बाद भी सुरक्षित रहेगा शव,जेल अधीक्षक को मिली जान की धमकी

<p>अफजाल को लगता है कि मुख्तार अंसारी के साथ अन्याय हुआ है, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया गया है और किसी को भी आईसीयू से सीधे जेल नहीं भेजा गया है। वार्ड को अवलोकन के लिए रखा गया है। लेकिन मुख्तार के भाई ने आरोप लगाया है कि उसे आईसीयू से जेल भेजा गया था&nbsp;।माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत के बाद बांदा जेल के जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को बेसिक फोन से धमकी दी गई ।</p>

मुख्तार अंसारी के भाई ने दी धमकी, कहा- कहानी खत्म नहीं हुई 10 साल बाद भी सुरक्षित रहेगा शव,जेल अधीक्षक को मिली जान की धमकी
01-04-2024 - 09:37 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

मिली जानकारी के अनुसार माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत के बाद बांदा जेल के जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को बेसिक फोन से धमकी दी गई ।बांदा जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को 28-29 की देर रात 1:37 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल करके जान से मारने की धमकी दी है।बांदा जेल अधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, सीयूजी नंबर पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने लाइन की दूसरी तरफ से बोला कि तुझे ठोकना है। साथ ही अभद्र तरीके से गाली-गलौज की गई। ये कॉल 14 सेकेंड की थी।

अंसारी की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें पिछले मंगलवार को बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। कुछ घंटों के आईसीयू में इलाज के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया था। अगले दिन, उसकी हालत फिर से बिगड़ गई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। तीसरे दिन उनकी हालत इस हद बिगड़ी कि उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने दावा किया कि मुख्तार की मौत जेल में दिए गए जहर की वजह हुई है। मुख्तार के भाई सांसद अफजल अंसारी ने भी कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं।उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को मार कर रास्ते से हटाया गया है।सही वक्त आने पर हम इस बात का पुख्ता सुबूत देंगे कि मुख्तार को जेल में जहर देकर मारा गया है।कुछ अपराधियों को बचाने के लिए पूरी सरकार और उसकी मशीनरी ने बहुत बड़ी साजिश रची है।

पांच या 10 साल बाद शरीर की जांच की जा सकती है।

अफजाल ने सीधे धमकी देते हुए कहा कि मुख्तार अंसारी के शव को इस तरह दफनाया गया है कि पांच-10 साल बाद जांच के लिए कहने पर शव को कब्र से निकाला जा सकता है। मुख्तार की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई है, यह अब शुरू हुई है। अफजल ने कहा, 'उसे जेल में डाले जाने के बाद हमने उसके खिलाफ 50 मामले दर्ज किए हैं, जो अन्याय का मामला है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।